Uttarakhand Crime - पाकिस्तान कनेक्शन में उत्तराखंड की युवती गिरफ्तार, करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन से मचा हड़कंप
Uttarakhand Crime - उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कलियर थाना क्षेत्र स्थित आसफनगर गांव में बुधवार तड़के जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवती को गिरफ्तार किया। युवती पर पाकिस्तान के माध्यम से करोड़ों रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में शामिल होने का आरोप है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, मामला जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ा हुआ है। कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया था। पूछताछ के दौरान उसके पास से पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध वित्तीय ट्रांजेक्शन के साक्ष्य मिले। जांच में आरोपी ने हरिद्वार के आसफनगर गांव निवासी युवती सोनम का नाम भी उजागर किया।
इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष टीम ने हरिद्वार पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर बुधवार सुबह गांव में छापेमारी की। पुलिस ने करीब दो से ढाई घंटे तक जांच और पूछताछ की प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद युवती को ट्रांजिट रिमांड पर जम्मू-कश्मीर ले जाया गया। हालांकि छापेमारी के दौरान मौके से कोई नकदी बरामद नहीं हुई, लेकिन जांच एजेंसियां युवती के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड्स और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहन पड़ताल कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान स्थित कुछ लोगों के साथ मिलकर हवाला या अन्य अवैध माध्यमों से बड़े पैमाने पर धन का लेन-देन किया गया।
जांच एजेंसियों को यह भी संदेह है कि मामला केवल मनी लॉन्ड्रिंग तक सीमित नहीं हो सकता। इसी कारण युवती के संपर्कों, विदेश यात्राओं और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल हो सकती हैं।
कलियर थाना प्रभारी कमल मोहन भंडारी ने बताया कि मूल मामला जम्मू-कश्मीर में दर्ज है, इसलिए आगे की जांच वहीं की जा रही है। स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई में सहयोग किया है। घटना की खबर फैलते ही आसफनगर गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। स्थानीय लोग इस खुलासे से हैरान हैं और गांव से इतने बड़े संदिग्ध नेटवर्क के जुड़े होने पर सवाल उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान से जुड़े ऐसे वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल अक्सर हवाला, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग के लिए किया जाता है। ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
