Uttarakhand Accident - उत्तराखंड में फिर दर्दनाक हादसा, अलकनंदा नदी में समाया टेंपो ट्रैवलर, 2 तीर्थयात्रियों की मौत, 10 लापता

रुद्रप्रयाग/उत्तराखंड – देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। रुद्रप्रयाग जिले के घोलतीर क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर बदरीनाथ हाईवे से नीचे गिरते हुए सीधा अलकनंदा नदी में समा गया। इस वाहन में कुल 20 लोग सवार थे, जिनमें से 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 10 अभी भी लापता हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के दौरान 10 लोग टेंपो से छिटककर पहाड़ी पर अटक गए और उन्हें घायल अवस्था में बचा लिया गया।

हादसे की भयावहता -
यह टेंपो ट्रैवलर (UK08 PA 7444) उदयपुर, राजस्थान और गुजरात से आए सोनी परिवार के सदस्यों को लेकर चारधाम यात्रा पर निकली थी। गुरुवार सुबह लगभग 8 बजे रुद्रप्रयाग से बदरीनाथ जाते समय यह वाहन स्टेट बैंक मोड़ के पास संतुलन खो बैठा और सीधे खाई में गिरते हुए अलकनंदा नदी में समा गया।

बचाव कार्य युद्धस्तर पर -
हादसे की जानकारी मिलते ही रुद्रप्रयाग पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन इकाई और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य में जुट गए। नदी का तेज बहाव बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बना हुआ है। फिलहाल लापता 10 यात्रियों की तलाश जारी है।
रुद्रप्रयाग पुलिस का बयान -
“आज सुबह लगभग 8 बजे हमें सूचना मिली कि एक टेंपो ट्रैवलर खाई में गिर गई है। तत्काल पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य राहत दल घटनास्थल पर पहुंचे। अब तक 8 घायलों को जिला चिकित्सालय भेजा गया है। 2 की मौत हो चुकी है जबकि 10 अब भी लापता हैं।” – पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग
रुद्रप्रयाग में दूसरा हादसा: कार 200 मीटर खाई में गिरी, बैंक मैनेजर की मौत -
इसी बीच रुद्रप्रयाग जिले से ही एक और दुखद समाचार आया है। बुधवार देर रात सन बैंड के पास एक कार बेकाबू होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में चमोली जिला सहकारी बैंक की सतेराखाल शाखा में तैनात मैनेजर की मौके पर ही मौत हो गई।
अब तक का विवरण:
विवरण आंकड़ा
कुल सवारी (टेंपो ट्रैवलर में) 20 (चालक सहित)
घायल 08
मृतक 02
लापता 10
दूसरी दुर्घटना 1 मृतक (कार दुर्घटना में)
सरकार से मांग -
लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोग और तीर्थ यात्रियों के परिजन सरकार से सड़कों की स्थिति सुधारने और यात्रा मार्गों पर अधिक सतर्कता व निगरानी की मांग कर रहे हैं।