हल्द्वानी - मंडी अध्यक्ष और विधायक से लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव तक बड़ी उपलब्धि, जानिए कैसा रहा संजीव आर्य का सफर 

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हल्द्वानी - मंडी अध्यक्ष और विधायक से लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव तक बड़ी उपलब्धि, जानिए कैसा रहा संजीव आर्य का सफर

 

 

हल्द्वानी - उत्तराखंड की राजनीति में संजीव आर्य ने एक लंबा सफर तय करते हुए अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हल्द्वानी मंडी के अध्यक्ष पद से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर अब कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के सह-प्रभारी तक पहुंच गया है। उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया है, उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी का भली-भांति निर्वाहन करेंगे। संजीव आर्य उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के पुत्र हैं। यशपाल आर्य और संजीव आर्य दोनों उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। संजीव आर्य वर्ष 2017 में नैनीताल सीट से विधायक चुने गए थे।

कांग्रेस के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय सचिव संजीव आर्य को गुलदस्ता भेंट कर बधाई देते कांग्रेस कार्यकर्त्ता- 
 

मंडी अध्यक्ष से शुरू हुआ राजनीतिक सफर - 
नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर में सन 1978 में संजीव आर्य का जन्म हुआ। उन्होंने नैनीताल के बिड़ला स्कूल से अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की, उसके बाद दिल्ली विश्वविधालय से मेनेजमेंट की डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने सामाजिक और राजनीतिक जीवन की शुरुआत पहाड़ के किसानों के उत्थान से की। वह साल 2006 में हल्द्वानी मंडी के पहले अध्यक्ष बने। किसानों और व्यापारियों के उत्थान के लिए बेहतरीन काम किये। मंडी का कार्यकाल पूरा करने के बाद साल 2011 में संजीव आर्य को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कैंपेन कमेटी का सदस्य बनाया। साथ ही कुमाऊं मीडिया प्रभारी का भी दावित्य दिया गया, जिसे हर दौर में अपनी जिम्मेदारी का उन्होंने भली-भांति निर्वाहन किया। 


राज्य सहकारी बैंक का बनाया चेयरमैन - 
संजीव आर्य के बढ़ते कद और कौशल को देखते हुए इसके बाद साल 2013 में उन्हें सहकारिता क्षेत्र में भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई। उन्हें राज्य सहकारी बैंक का अध्यक्ष बनाया गया। इस दौरान उन्होंने कई डूबती हुई चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिए 250 करोड़ का ऋण दिया। 50 से अधिक ग्रामीण बैंकों की नई शाखाएं खोली। साथ ही उन्हें डिजिटलीकरण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

 

नैनीताल से विधानसभा तक का सफर -
राजनीति में बढ़ते कद के साथ संजीव आर्य ने विधानसभा चुनाव में कदम रखा और नैनीताल विधानसभा सीट से 2017 में वह भारी मतों से विधायक चुने गए। विधायक रहते हुए उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर अपनी सक्रियता दिखाई। पेयजल, शिक्षा और सड़क के लिए विधायक निधि से करोड़ों के काम भी करवाए। नैनीताल के पर्यटन कारोबार को उबारने के लिए भी संजीव का काम बेहतरीन माना जाता है। 

 

अब राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी - 
संजीव आर्य को अब कांग्रेस संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिली है। उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का सह-प्रभारी बनाया गया है। इस जिम्मेदारी को उनके राजनीतिक सफर की बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।  संजीव आर्य के घर पर कांग्रेस के नेताओं सहित लोगों के बधाई देने का ताँता लगा हुआ है। स्थानीय राजनीति से शुरुआत कर राष्ट्रीय संगठन तक पहुंचने वाले संजीव आर्य का सफर उत्तराखंड की सियासत में एक युवा नेता के उभरने की कहानी बताता है। 

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