काठगोदाम एक्सप्रेस में टिकट चेकिंग करने के नाम पर फर्जी टीटीई गिरफ्तार, असली TTE ने दबोचा, बताया क्यों करने लगा ऐसा काम
Kathgodam Express - देहरादून से काठगोदाम जा रही दून-काठगोदाम एक्सप्रेस (14120) में टिकट चेक करने के नाम पर यात्रियों से अवैध वसूली कर रहा एक फर्जी टीटीई पकड़ा गया। ट्रेन में तैनात असली टीटीई की सतर्कता के चलते उसे रंगे हाथों पकड़ा गया और देहरादून जीआरपी के हवाले कर दिया गया। आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना शनिवार रात की है, जब ट्रेन में तैनात टीटीई महेंद्र सिंह ने कोच एस-3 और एस-4 में टिकट जांच के दौरान पाया कि यात्रियों के टिकट पहले ही कोई जांच कर चुका है। यात्रियों के बयान से संदिग्ध गतिविधियों की आशंका हुई तो टीटीई ने तत्काल कोच ए-1 में जाकर जांच की और वहां फर्जी टीटीई को पकड़ लिया।
घटना का स्थान हर्रावाला-डोईवाला के समीप था, जिसके चलते तुरंत देहरादून जीआरपी को सूचना दी गई। सूचना पर कार्रवाई करते हुए हरिद्वार जीआरपी थाने में तैनात एएसआई चंद्रशेखर सिंह ने टीम सहित प्लेटफॉर्म पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपित ने अपना नाम सुशील कुमार मौर्य, निवासी सेरवां, थाना नवाबगंज, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) बताया। तलाशी में फर्जी टीटीई आईडी कार्ड, एक आधार कार्ड, और भारत सरकार पूर्वोत्तर सीमा रेल, रंगिया मंडल का फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ। आरोपित ने कबूल किया कि वह पहले नौकरी करता था, लेकिन नौकरी छूटने के बाद उसने पैसे कमाने के लिए फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से वसूली शुरू कर दी। अब तक वह कई यात्रियों से टिकट चेकिंग के बहाने पैसे ऐंठ चुका था।
देहरादून जीआरपी थाने में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के किसी बड़े गिरोह से जुड़े होने की आशंका तो नहीं है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि टिकट की जांच के दौरान टीटीई का पहचान पत्र अवश्य देखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे या जीआरपी को दें।
