ED Raid Uttarakhand - उत्तराखंड के इस IFS अधिकारी के घर में मिला भारी कैश, ED ने मंगवाई काउंटिंग मशीनें 
 

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ED Raid in Uttarakhand - उत्तराखंड में कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत और पूर्व आईएफएस अधिकारी किशनचंद के बाद अब आईएफएस अधिकारी सुशांत पटनायक के घर भी ईडी ने बुधवार को (ED Raids On Uttarakhand IFS Sushant Patnaik House) छापा मारा। इस दौरान कैनाल रोड स्थित उनके घर से भारी मात्रा में कैश मिला। कैश गिनने के लिए ईडी ने दो काउंटिंग मशीन मंगवाई है। बता दें कि आईएफएस सुशांत पटनायक पर पिछले दिनों एक महिला कर्मचारी ने छेड़खानी का आरापे भी लगा था। वहीं, वह प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से हटाए गए थे। उन पर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था।


वहीं दूसरी तरफ ईडी ने कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के घर पर छापा मारा है। उनके घरवालों से पूछताछ की जा रही है। हरक सिंह के बाद ईडी ने पूर्व आईएफएस अधिकारी किशनचंद के आवास पर छापा मारा। पाखरो रेंज घोटाले से संबंधित जांच मामले में ईडी कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के डिफेंस कॉलोनी स्थित घर पहुंची। उनके घर पर आलमारी का ताला खोलने को चाभी बनाने वाला बुलाया गया। अलमारी की चाभी बनाकर लॉक खोला गया। अंदर से कई दस्तावेज निकाले गए। पूरी अलमारी दस्तावेज से भरी हुई थी। घर के अंदर मौजूद लोगों ने बताया था कि अलमारी की असली चाभी खो चुकी है। जिसके बाद ईडी ने चाबी बनाने वाले को बुलाया।


कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के श्रीनगर स्थित आवासीय भवन पर भी ईडी ने छापा मारा। ईडी की टीम घर में मौजूद हरक सिंह रावत की मां व अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही घर में रखे गए  दस्तावेजों की जांच पड़ताल की जा रही है। हरक सिंह रावत के बिधौली स्थित हॉस्टल, श्रीनगर में होटल, गुहाड़ गांव स्थित पैतृक घर, सहसपुर में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में भी ईडी की टीम गई है। वहीं कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या हरक सिंह रावत के घर के बाहर पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास धुलाई मशीन है। जो भाजपा में रहता है उसके सात खून माफ हैं। और दूसरी पार्टी में आते ही सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग शुरू कर देती हैं।


हरक सिंह के बाद ईडी ने पूर्व आईएफएस अधिकारी किशनचंद के आवास पर छापा मारा। तत्कालीन कुछ फॉरेस्ट अधिकारियों के यहां भी ईडी की टीम पहुंची। दूसरी तरफ देहरादून कैनाल रोड पर आईएफएस सुशांत पटनायक के घर पर कैश गिनने के लिए दो काउंटिंग मशीन अंदर ले जाई गई। मामले में पूर्व डीएफओ किशनचंद की संपत्ति को भी पहले अटैच किया जा चुका है। हरक सिंह रावत के वन मंत्री रहते निर्माण घोटाला हुआ था। पहले विजिलेंस ने मामले की जांच की थी।