देहरादून - उत्तराखंड में दोहरी पेंशन का खुलासा, सैकड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारी ले रहे वृद्धा, विधवा पेंशन का लाभ, अब होगा एक्शन
देहरादून - उत्तराखंड में विभिन्न सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी नियमों के विरुद्ध सरकारी पेंशन के साथ-साथ वृद्धा एवं विधवा पेंशन का लाभ ले रहे हैं। यह मामला भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा किए गए डाटा विश्लेषण और क्रॉस वेरिफिकेशन में सामने आया है।
कैग ने समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन और सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन के डाटा का आधार नंबर के माध्यम से मिलान किया। जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में 1377 पूर्व कर्मचारी दोहरी पेंशन का लाभ उठा रहे हैं, जबकि नियमानुसार सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र नहीं होते।
कैग ने मामले को गंभीर मानते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और वित्त विभाग को पत्र भेजकर 15 दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है। पत्र में दोहरी पेंशन लेने वाले सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पहचान कर ली गई है और उनसे संबंधित विवरण शासन को सौंप दिया गया है।
उधर, समाज कल्याण विभाग का कहना है कि यह मामला अभी औपचारिक रूप से निदेशालय के संज्ञान में नहीं आया है।
संदीप तिवारी, निदेशक समाज कल्याण ने बताया कि कैग या शासन की ओर से निर्देश मिलते ही मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कैग की इस रिपोर्ट के बाद राज्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब निगाहें शासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि दोषियों से कितनी सख्ती से वसूली और अनुशासनात्मक कदम उठाए जाते हैं।
