देहरादून - धामी कैबिनेट की बैठक में 15 प्रस्तावों पर मुहर, हाईकोर्ट को गौलापार में मिलेगी 30 हेक्टेयर जमीन, पढ़िए अन्य फैसले
देहरादून - मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद अपर सचिव एवं मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट में स्वास्थ्य, कार्मिक, कौशल विकास, परिवहन, वन, सहकारिता और श्रम समेत विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने गो पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के लोगों को भी इसका लाभ देने का निर्णय लिया। योजना के तहत लाभार्थियों को सब्सिडी मिलेगी और वे गाय के साथ-साथ भैंस भी खरीद सकेंगे। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन क्षेत्रों में उपलब्ध औषधीय जड़ी-बूटियों के बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को भी मंजूरी दी। इसके तहत संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों का संरक्षण किया जाएगा। प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित होगा और पुरुष एवं महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान मजदूरी देने का प्रावधान लागू रहेगा।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले -
उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (GST) संशोधित अध्यादेश को मंजूरी।
उत्तराखंड हाईकोर्ट के लिए हल्द्वानी के गौलापार में 30 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने का निर्णय।
उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के लिए 122 नए पदों के सृजन को स्वीकृति।
जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन लागू करने का निर्णय, जिससे योजनाओं का हस्तांतरण संभव होगा।
उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन कर कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी सदस्य बनने की अनुमति।
गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता करने का निर्णय।
उत्तराखंड औद्योगिक नियमावली को मंजूरी। इससे नियोजकों और कर्मकारों के बीच संबंध बेहतर बनाने, शिकायतों के त्वरित समाधान तथा शिकायत समिति के सदस्यों के चयन की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा रोजगार का अवसर देने का भी प्रावधान किया गया।
वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी। स्केलर पदों पर भर्ती के लिए 100 अंकों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में प्रशासनिक सुधार, रोजगार, श्रमिक कल्याण, कृषि, न्यायिक ढांचे और आधारभूत विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
