उत्तराखंड पुलिस का एक और सिपाही हुआ बागी, जंतर-मंतर वाले शेर सिंह के समर्थन में वीडियो वायरल, कर दिया निलंबित 

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उत्तराखंड पुलिस का एक और सिपाही हुआ बागी, जंतर-मंतर वाले शेर सिंह के समर्थन में वीडियो वायरल, कर दिया निलंबित 

Uttarakhand News - उत्तराखंड पुलिस के एक और जवान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। पिथौरागढ़ में तैनात आरक्षी अमित कुमार ने वर्दी पहनकर जारी वीडियो में दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए पुलिसकर्मी शेर सिंह का समर्थन किया और नौकरी से इस्तीफा देने की इच्छा जताई। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।


वीडियो में अमित कुमार ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हुई कथित घटना से वह आहत हैं। उन्होंने शेर सिंह के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध करते हुए अपना इस्तीफा स्वीकार करने की मांग की। साथ ही उत्तराखंड पुलिस के लिए 4600 ग्रेड पे लागू करने की भी मांग उठाई। पुलिस के अनुसार, अमित कुमार को 23 जुलाई को कांवड़ मेला ड्यूटी के लिए हरिद्वार भेजा गया था। 30 जुलाई को उन्होंने वर्दी में सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया, जिसे विभागीय अनुशासन और सरकारी सेवा आचरण नियमों के विरुद्ध माना गया।

पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि अमित कुमार पूर्व में रुद्रप्रयाग में तैनात थे, जहां शिकायतों के आधार पर उनका तबादला पिथौरागढ़ किया गया था। उनके खिलाफ पहले भी अनुशासनहीनता, ड्यूटी में लापरवाही और विभागीय निर्देशों की अवहेलना के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस उपाधीक्षक गोविंद बल्लभ जोशी ने कहा कि विभागीय अनुशासन और सेवा आचरण के विपरीत किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

शेर सिंह प्रकरण फिर चर्चा में - 

अमित कुमार ने अपने वीडियो में जिस शेर सिंह का उल्लेख किया, वे भी उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल हैं। शेर सिंह हाल ही में वर्दी में जंतर-मंतर पर आयोजित एक आंदोलन के मंच पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने इस्तीफा देने की बात कही थी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवादित बयान दिया था।

इस मामले में आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती ने बताया था कि शेर सिंह 28 जून 2026 से बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित थे। जवाब न मिलने पर उन्हें 20 जुलाई को निलंबित कर दिया गया था। पुलिस ने यह भी कहा था कि उनके खिलाफ पूर्व में दर्ज आपराधिक मामलों और विभागीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। फिलहाल अमित कुमार के वायरल वीडियो की विभागीय जांच जारी है और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सेवा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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