Ankita Bhandari Case - पत्रकार आशुतोष नेगी की गिरफ्तारी से अंकिता केस बना नेशनल मुद्दा, X पर लगातार ट्रेंड हो रहे हैशटैग 
 

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Ankita Bhandari Murder Case - उत्तराखंड के स्थानीय पत्रकार आशुतोष नेगी की गिरफ्तारी (Ashutosh Negi arrested)  के बाद उत्तराखंड का बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड डेढ़ साल बाद फिर से सुर्खियों में आ गया है. अंकिता भंडारी को न्याय की मांग पहाड़ों से लेकर मैदान और सोशल मीडिया में गूंज रही है. पत्रकार नेगी की गिरफ़्तारी के बाद अब यह मामला देश भर में राजनीतिक रंग लेता जा रहा है. 


कांग्रेस सहित कई लोग लगातार अंकिता भंडारी के लिए आवाजें उठा रहे हैं. पिछले 48 घंटे से यह मुदा देश भर में सुर्खियों पर बना है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर (#JusticeForAnkitaBhandari #उत्तराखंड_पुलिस और #आशुतोष_नेगी) पूरे देश में ट्रेंड कर रहा है. देश के कई बड़े नेता और समाजिक कार्यकर्ता इस हैशटैग कैंपेन को अपना समर्थन दे रहे हैं. अंकिता भंडारी के परिवार के साथ न्याय की लड़ाई लड़ रहे पत्रकार आशुतोष नेगी की गिरफ्तारी के बाद लोगों में इस प्रकार का रोष देखा गया.


जानिए पूरा मामला  - 
सितंबर 2022 में वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या हो गई थी। आरोप के अनुसार पुलकित ने अंकिता भंडारी पर किसी VIP को स्पेशल सर्विस देने के लिए दवाब बनाया था, अंकिता ने यह काम करने से मना कर दिया। इसमें रिजॉर्ट संचालक और बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य पर आरोप लगा था उसने अपने 2 कर्मचारियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर अंकिता के हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने बॉडी को ऋषिकेश के चीला नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने तीनों को अरेस्ट कर लिया, जो इस समय पौड़ी जेल में बंद हैं। मामले की जाँच क्रम में 22 दिसम्बर 2023 को अंकिता भंडारी के पिता ने मीडिया को बताया की रिजॉर्ट पर जेसीबी चलाने वाले चालक दीपक ने ADJ कोटद्वार कोर्ट में बयान दिए कि उसे JCB चलाने के लिए यमकेश्वर से भाजपा MLA रेनू बिष्ट और एसडीएम ने कहा था.


कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का बयान - 
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने भाजपा पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा है कि सरकार और पुलिस के दम पर भाजपा अपनी पार्टी के नेताओं के अपराधों पर पर्दा डालने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में आवाज उठाने वालों को ही सजा दी जा रही है. वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, कांग्रेस नेत्री अल्का लांबा और AAP की राज्यसभा सांसद स्वाती मालीवाल ने भी इस मामले सोशल मीडिया पोस्ट किया है. वहीं कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए, भाजपा के राज्य मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने दोहराया कि नेगी की गिरफ्तारी का इस हत्या केस से कोई संबंध नहीं है.

 

अंकिता भंडारी केस और आशुतोष नेगी गिरफ़्तारी कनेक्शन - 
दरअसल पत्रकार आशुतोष नेगी भी दिगवंत अंकिता भंडारी के पौड़ी डोभ गांव के ही निवासी हैं, वह पहले दिन से ही इस केस की पैरवी करते नजर आये, एक बार एक पत्रकार ने उनसे पूछा गया आपको डर नहीं लगता तो उन्होंने कहा अपनी बेटी के लिए आवाज और न्याय मांगना कहाँ का डर, वह मेरे गांव की बेटी है और उसके लिए मैं लडूंगा, आशुतोष नेगी ने पिछले कुछ दिनों से इस केस को अपने साप्ताहिक समाचार पत्र जागो उत्तराखंड के कवर स्टोरी में छापना शुरू कर दिया, जिसके बाद से यह मामला गरमाता गया और अंकिता के माता - पिता के साथ वह धरने पर बैठ गए और लगातार मार्च निकाल रहे थे. लेकिन पुलिस ने आशुतोष नेगी को बीते पांच मार्च को SC ST एक्ट का पुराना एक मामला बताकर पौड़ी के गिरफ्तार कर लिया था। ..... गिरफ़्तारी के बाद आशुतोष नेगी ने विक्टरी साइन दिखाकर कहा यह लड़ाई जारी रहनी चाहिए!


गिरफ्तारी के एक दिन पहले 4 मार्च को नेगी ने X पर एक पोस्ट किया था. लिखा, “पुख्ता सूत्रों के हवाले से खबर, DGP अभिनव कुमार के SSP पौड़ी श्वेता चौबे को निर्देश, किसी भी तरह आशुतोष नेगी को नई धाराएं जोड़ जेल में धरो, मेरे जेल में जाने के बाद भी अंकिता को न्याय दिलाने के लिये लड़ाई जारी रहे.”



अंकिता के माता - पिता के साथ लोग कर रहे थे प्रदर्शन - 
अपनी बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए उनके माता- पिता और कई अन्य लोग श्रीनगर गढ़वाल में धरने पर बैठे हैं. इन सभी लोगों की मांग है कि तत्कालीन SDM और यमकेश्वर विधानसभा की MLA पर इस मामले को लेकर कार्रवाई की जाए. साथ ही VIP का नाम भी सार्वजनिक किया जाए, प्रदर्शन में आए लोगों ने पूरे श्रीनगर में प्रदर्शन किया और सरकार का पुतला फूंककर जमकर नारेबाजी की. लोगों ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस प्रशासन के दबाव में बड़े आरोपियों को बचाया जा रहा है. इस प्रदर्शन में अंकिता भंडारी के माता- पिता का साथ दे रहे एक पत्रकार आशुतोष नेगी को गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरफ्तारी के बाद ही इस मामले में तूल पकड़ा और फिर ये यह मामला लोगों के सामने आ गया. 


उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक का बयान - 
उत्तराखंड के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने इस मामले में ANI को जानकारी देते हुए बताया कि आशुतोष नेगी के द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में जनता के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश की जा रही थी. उन्होंने आगे कहा कि आशुतोष नेगी के पास कोई सबूत नहीं है वो बिना सूबत के उत्पात मचा रहा था. इस मामले में उसकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है. डीजीपी ने आश्वासन दिया कि उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड पुलिस को इस हत्याकांड की निष्पक्ष और निडर होकर जांच करने की छूट दी है. अंकिता भंडारी को न्याय देने के लिए प्रतिबद्ध है और जब तक न्याय नहीं मिल जाएगा तब तक हम पूरा प्रयास करेंगे. 


इसी बीच लोग DGP के एक पुराने इंटरव्यू को भी खूब शेयर कर रहे हैं, वह इस वीडियो में बॉलीवुड एक्टर आमिर खान को इंटरव्यू देते नजर आ रहे हैं और कह रहे हैं ब्रिटिश राज में पुलिस एक शिकारी पालतू कुत्ते की तरह काम करती थी, वह प्रवृत्ति आजाद भारत में भी देखी गई.

 



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