उत्तराखंड में डरा रहा है स्वाइन फ्लू 24 घंटे में 15 नए केस, अब तक इतने मामले आये सामने, स्वास्थ्य महकमा अलर्ट
देहरादून - उत्तराखंड में मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू (H1N1) के अब तक 641 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 600 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 39 मरीजों का उपचार चल रहा है। स्वाइन फ्लू से अब तक दो मरीजों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में 15 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें नौ देहरादून और छह अन्य जिलों के हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू की जांच के लिए 2,111 सैंपल लिए गए हैं। इनमें देहरादून में 428 और अन्य जिलों में 213 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नए मामलों की संख्या में पहले की तुलना में कमी देखने को मिल रही है।
स्वाइन फ्लू के साथ डेंगू और कोविड के मामले भी सामने आ रहे हैं। डेंगू की जांच के लिए अब तक 34,226 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 222 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें देहरादून के 109 और अन्य जिलों के 113 मरीज शामिल हैं। कुल संक्रमितों में से 203 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 19 मरीजों का उपचार चल रहा है। वहीं, कोविड संक्रमण की जांच के लिए अब तक 1,060 सैंपल लिए गए हैं। इनमें 57 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। संक्रमितों में 29 देहरादून और 28 अन्य जिलों के मरीज शामिल हैं।
बच्चों और बुजुर्गों में अधिक मामले -
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू के मामले विभिन्न आयु वर्ग में सामने आए हैं। 1 से 10 वर्ष की आयु के 101 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। 11 से 20 वर्ष के 57, 21 से 30 वर्ष के 72, 31 से 40 वर्ष के 58, 41 से 50 वर्ष के 63, 51 से 60 वर्ष के 97, 61 से 70 वर्ष के 105, 71 से 80 वर्ष के 71 और 81 से 100 वर्ष की आयु के 16 मरीज संक्रमित पाए गए हैं। वहीं, 0 से 11 माह की आयु के एक बच्चे में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। आंकड़ों के अनुसार पुरुषों में स्वाइन फ्लू के मामले महिलाओं की तुलना में अधिक हैं। कुल 641 संक्रमितों में 339 पुरुष और 302 महिलाएं शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने किया अलर्ट -
स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. शिखा जगपांगी ने बताया कि स्वाइन फ्लू के नए मामलों में अब कमी दिखाई दे रही है, लेकिन विभाग लगातार अलर्ट मोड पर है। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के साथ अलग-अलग मौसमी बीमारियां सामने आती रहती हैं और इन्हें देखते हुए समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जाती है।
उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि यदि तीन से चार दिन तक लगातार बुखार बना रहता है और उसमें सुधार नहीं होता है तो सेल्फ मेडिकेशन से बचें और तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। समय पर उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर स्थिति में पहुंचने से रोका जा सकता है।


