पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के ठिकानों पर ED की छापेमारी, उत्तराखंड से दिल्ली, चंडीगढ़ तक 15 जगहों पर बिछाया जाल 
 

 | 

Harak Singh Rawat - उत्तराखंड में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के खिलाफ बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हरक सिंह रावत के ठ‍िकानों पर छापेमारी की है। उत्तराखंड से लेकर दिल्ली और चंडीगढ़ में छापा मारा है। तीन राज्यों के 15 से अधिक ठिकानों पर ईडी का तलाशी अभियान चल रहा है। बता दें, हरक स‍िंह रावत ने 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़ दी थी और कांग्रेस में शामिल हो गए थे। 



मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई दो अलग-अलग मामलों में हो रही है। एक मामला फॉरेस्ट लैंड से जुड़ा है तो वहीं दूसरा एक अन्य जमीन घोटाले से जुड़ा है। पिछले साल अगस्त में विजिलेंस विभाग ने कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत  के खिलाफ कार्रवाई की थी। बुधवार की सुबह देहरादून की डिफेंस कॉलोनी स्थित रावत के घर ईडी की टीम पहुंची है। यहां ईडी की टीम पाखरो रेंज घोटाले से संबंधित जांच में आई है। भाजपा सरकार में राज्य के वन मंत्री के रूप में रावत के कार्यकाल के दौरान, रावत और उनके कुछ विभागीय अधिकारियों पर टाइगर सफारी परियोजना के तहत कॉर्बेट पार्क के पाखरो रेंज में अवैध पेड़ काटने और निर्माण में शामिल होने से संबंधित गंभीर आरोप लगे हैं।


लोकसभा चुनाव से पहले बुधवार को ईडी की छापेमारी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरत सिंह रावत की मुश्किलें बढ़ा दी है। इस प्रकरण में पिछले साल विजिलेंस ने इस मामले में एक डीएफओ को जेल भी भेजा गया था। तत्कालीन वन मंत्री हरक सिंह रावत और इस प्रकरण में संलिप्त कुछ फॉरेस्ट अधिकारियों के आवासों पर भी ईडी सर्च ऑपरेशन चला रही है। पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के दिल्‍ली में डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास, कॉलेज और अन्य संस्थाओं पर ईडी ने सुबह से ही डेरा जमाया हुआ है।
भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि पाखरो बाघ सफारी के लिए 163 की अनुमति के खिलाफ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) में 6000 से अधिक पेड़ अवैध रूप से काटे गए थे। हालांकि, राज्य वन विभाग ने एफएसआई के दावों का खंडन किया और कहा कि रिपोर्ट को अंतिम रूप से स्वीकार करने से पहले कुछ तकनीकी मुद्दों को हल करने की आवश्यकता है।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि रावत से जुड़ी संपत्तियां ईडी अधिकारियों द्वारा जांच के दायरे में आई हैं। इससे पहले उत्तराखंड विजिलेंस की टीम ने देहरादून के शंकरपुर में एक संस्थान और छिद्दरवाला में एक पेट्रोल पंप पर छापे मारे थे। राज्य सतर्कता प्रमुख वी मुरुगेसन ने 30 अगस्त को कहा कि टीम ने दोनों स्थानों पर दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि दोनों संपत्तियां कांग्रेस नेता और पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत की हैं। मुरुगेसन ने पुष्टि की कि शंकरपुर में दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और पेट्रोल पंप, जिस पर टीम ने बुधवार को छापा मारा, दोनों हरक स‍िंह रावत के बेटे के हैं।  मुरुगेसन ने कहा कि सतर्कता टीम ने पाया कि दोनों निजी स्थानों पर लगाए गए दो जनरेटर सेट सरकारी पैसे से खरीदे गए थे। उन्‍होंने कहा क‍ि मामले की आगे की जांच जारी है।