उत्तराखंड - वित्तीय संकट में फंसा परिवहन निगम, सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, वेतन देने के लिए पड़े हैं लाले
देहरादून - उत्तराखंड परिवहन निगम इन दिनों गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। लगातार घटती आय और संचालन में आई बाधाओं के चलते निगम के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के हालात नहीं हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए परिवहन निगम प्रबंधन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं।
निगम के महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने मंगलवार को सभी मंडलीय प्रबंधकों और अधिकारियों को पत्र जारी कर यह निर्देश दिए। पत्र में उल्लेख किया गया कि पिछले महीनों में भारी बारिश, आपदाएं, और मार्ग अवरोधों के कारण बसों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसका सीधा असर निगम की आमदनी पर पड़ा, जिससे वित्तीय स्थिति और भी खराब हो गई। स्थिति इतनी विकट है कि मार्च 2025 से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के देयकों का भुगतान तक लंबित है, वहीं नियमित कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है।
पीक सीजन में आय बढ़ने का अनुमान -
अब चूंकि पीक सीजन (दशहरा, दीपावली आदि) शुरू हो गया है, जब रोडवेज बसों की मांग सबसे अधिक रहती है, ऐसे में निगम प्रबंधन को उम्मीद है कि आय में सुधार होगा। इसी के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है कि अपरिहार्य कारणों को छोड़कर किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।
निगम प्रबंधन का मानना है कि यदि सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी क्षमता से काम करें तो आर्थिक हालात को सुधारने में मदद मिलेगी, और नियमित वेतन भुगतान की स्थिति भी बन सकेगी।
