drishti haldwani

रानीखेत-कुमाऊं रेजिमेंट ने सुनहरे अक्षरों में लिखा इतिहास, भारतीय सेना को मिले इतने नए जांबाज

830

रानीखेत-न्यूज टुडे नेटवर्क- आज कुमाऊं रेजिमेंट के लिए गौरवशाली दिन रहा। एक बार फिर आज का दिन कुमाऊं रेजिमेंट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा गया। देशभक्ति का जज्बा व जोश भरती केआरसी की बैंज धुन के बीच परेड कमांडर कैप्टन मनिंदर सिंह यादव के नेतृत्व में नौ माह का कठिन प्रशिक्षण हासिल कर कई राज्यों के 329 युवा जांबाज नई उमग, नई ऊर्जा व जोश के साथ अपनी भारतीय सेना का अभिन्न अंग बने। इस मौके पर मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल अमरीक सिंह व कमांडेंट केआरसी ब्रिगेडियर गोविंद सिंह राठौड़ ने परेड का निरीक्षण किया। प्रशिक्षण अवधि में अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन कर अपनी अपनी कंपनी में अव्वल रिक्रूट्स को पदक दिए गए। साथ ही इन सैनिकों के माता-पिता को गौरव सेनानी पदक व केआरसी की कैप पहना कर सम्मानित किया गया।

iimt haldwani

http://हल्द्वानी-18 दिसंबर को उत्तराखंड के युवाओं को मिलेगा एक और मौका, यहां होगी सेना भर्ती

सोमनाथ मैदान में भरे जांबाजों ने अंतिम पग

आज भारतीय सेना को 329 नए जांबाज और मिल गए। रानीखेत में कुमाऊं रेजिमेंट मुख्यालय के ऐतिहासिक सोमनाथ मैदान के बहादुरगढ़ से अंतिम पग भर ये नव सैनिक भारतीय सेना का अंग बने। इस मौके पर धर्मगुरु ने गीता को साक्षी मान युवा सैनिकों को देश की आन, बान व शान की रक्षा को सदैव तत्पर रहने की कसम दिलाई। मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल (एवीएसएम, एसएम, एडीसी) अमरीक सिंह ने जांबाजों को देश के दुश्मनों के खात्मे को तत्पर रहने का आह्वान करते हुए जोश भरा। उन्होंने युवा सैनिक कुमाऊं रेजिमेंट के गौरव एवं विशिष्ट सैन्य परंपरा को संजोए रखने की बात कही। आज भारतीय सेना को अनगिनत सैनिक दे चुकी कुमाऊं रेजिमेंट के प्रशिक्षण मुख्यालय के इतिहास मे एक और गौरवशाली पन्ना जुड़ गया।