PMS Group Venture haldwani

नई दिल्ली- इलेक्ट्रिक कार के बाद अब इलेक्ट्रिक बैटरी पर मिलेगी सब्सिडी, बस करना है ये छोटा का काम

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) के बाद अब सरकार का फोकस बैटरी मैन्युफैक्चरिंग पर होने वाला है। लिथियम ऑयन बैटरी की मैन्युफैक्चरिंग पर सरकार सब्सिडी देने की योजना लेकर आई है। इसके लिए सरकार बैटरी मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी लाई है। पॉलिसी के मुताबिक, सरकार प्रति किलोवॉट ऑवर 2,000 रुपये की सब्सिडी देगी। इसका मतलब ये होगा कि एक इलेक्ट्रिक व्हीकल में एक बड़ा हिस्सा बैटरी खर्च को लेकर है। लिथियम बैटरी पर सब्सिडी से इलेक्ट्रिक व्हीकल की कीमत कम हो जाएगी। यह सब्सिडी इलेक्ट्रिक व्हीकल पर मौजूदा छूट के अलावा होगी।

यह भी पढ़ें-उत्तराखंड मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना – 2019, अब को बच्चों को मिलेगा मुफ्त में दूूध

electric car battery subsidy policy

54 गीगा वॉट की बैटरी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बनाने का लक्ष्य

इस पॉलिसी के अंदर सरकार अगले तीन साल में 54 गीगा वॉट की बैटरी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बनाना चाहती है। सरकार उन्हीं कंपनियों को सब्सिडी देगी जो कम से कम 5 गीगा वॉट से लेकर 20 गीगा वॉट के बीच की फैक्ट्री लगाना चाहते हैं।

यह भी पढ़ें-कन्या सुमंगला योजना : अब बेटी के पैदा होने के बाद उसकी पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार, जानिए कैसे

700 करोड़ रुपये का आएगा खर्च

बैटरी सब्सिडी पर हर साल करीब 700 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके अलावा एक बैटरी को बनाने में जो चीजें इस्तेमाल होती हैं, उसके इम्पोर्ट पर जीरो ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही डेप्रिसिएशन का प्रस्ताव रखा गया है। पॉलिसी में कई तरह के प्रस्ताव हैं जिससे बैटरी की कीमत कम की जा सकेगी। एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमिटी पहले इसके मंजूरी देगी और फिर उसके बाद कैबिनेट के पास जाएगा।

कोरोना पीड़ित संदिग्ध बोला डॉक्टर साहब मेरी जान बचा लो। देखिये अस्पताल में अंदर फिर क्या हुआ। मॉक ड्रिल अस्पताल की।