iimt haldwani

देहरादून-भाजपा ने किया योगी की सरकार में इस मंत्री को बर्खास्त, अब उत्तराखंड सरकार के बागियों की बारी

322

देहरादून-न्यूज टुडे नेटवर्क-आखिरकार भाजपा संगठन ने अपना यूपी में अपना फैसला सुना ही दिया। लंबे समय से योगी सरकार के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकने वाले कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर में बर्खास्त कर दिया गया है। बता दें कि भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ लगातार आग उगलने वाले योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने लोकसभा चुनाव के दौरान हद पार कर दी थी। लोकसभा चुनावों के निपटते ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल से सिफारिस की थी जिसके बद तत्काल प्रभाव से कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। राज्यपाल राम नाईक ने ओमप्रकाश राजभर का इस्तीफा मंजूर कर उनको पद से मुक्त कर दिया है। उनके सभी विभाग को मंत्री अनिल राजभर को दिया गया है। अनिल राजभर का कद बढ़ गया है।

amarpali haldwani

ये भी पढ़े-हल्द्वानी- 23 मई के बाद इन विधायकों व मंत्रियों की बढ़ सकती है मुश्किलें, बगावती सुरों को लेकर कार्यवाही में जुटा भाजपा संगठन

राजभर की पार्टी के सभी नेताओं के पद छिने

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने योगी आदित्यनाथ मंत्रिमण्डल के सदस्य तथा मंत्री पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं विकलांग जन विकास, ओम प्रकाश राजभर को तात्कालिक प्रभाव से प्रदेश मंत्रिमण्डल की सदस्यता से पदमुक्त कर दिया है। इसके साथ ही राजभर की पार्टी के उन सभी नेताओं को भी हटा दिया गया है, जिनको मंत्री का दर्जा दिया गया था। राजभर की पार्टी के बाकी सदस्यों को निगमों और परिषदों से भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इनमें ओमप्रकाश के बेटे अरविंद राजभर को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के चेयरमैन पद से हटाया गया। इसी तरह उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के अध्यक्ष राणा अजीत सिंह, राष्ट्रीय एकीकरण परिषद से सुनील अर्कवंशी और राधिका पटेल, उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद के सदस्य पद से सुदामा राजभर, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग से गंगाराम राजभर और वीरेंद्र राजभर को भी हटाया गया।

उत्तराखंड में इन पर गिर सकती हैं गाज

उत्तराखंड में भी खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन खासें चर्चाओं में रहे है। उनके अलावा उमेश शर्मा काऊ और आजकल से सबसे ज्यादा चर्चाओं में वो है वन मंत्री हरक सिंह रावत। पिछले दिनों जंगल जलने के घटना के बाद अधिकारियों को विदेश भेजने से गुस्साएं हरक सिंह रावत ने इस्तीफा देने तक की धमकी दे डाली। इससे साफ होता है कि इन विधायकों के अंदर कांग्रेस पार्टी में बगावत वाली बातें अभी भी है। इसलिए समय-समय पर इनके सुर बिगड़ जाते है। हालांकि अनुसाशनहीनता के मामले में भाजपा के विधायक देशराज कर्णवाल भी कम नहीं है। आज यूपी में आये फैसले के बाद माना जा रहा है कि उत्तराखंड में भी भाजपा संगठन जल्द बड़ा फैसला ले सकता है।