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नई दिल्ली- इसलिये एयर स्ट्राईक के लिए भारतीय सेना ने चुना मिराज-2000, दागता है 125 गोलियां प्रति मिनट

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नई दिल्ली- न्यूज टुडे नेटवर्क: पुलवामा हमले के जबावी एक्शन में भारतीय वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों को दबाह कर दिया। पुलवामा हमले के दो हफ्तों के अंदर ही भारतीय वायुसेना ने आतंकियों को मुहतोड़ जवाब दिया है। एयरफोर्स ने एलओसी के पार जाकर कैंपों पर 1000 किलो के बम गिराये हैं। 3 बजे चलाए गए इस ऑपरेशन में एयरफोर्स के 12 मिराज फाइटर प्लेन शामिल थे। भारतीय सेना की इस एयर स्ट्राईक के बाद से देश भर में खुशी का माहौल है। भारत का प्रत्येक नागरिक भारतीय सेना के प्रती गर्व महसूस कर रहा है। देशवासी सेना की इस एयर स्ट्राईक को सर्जिकल स्ट्राईक-2 का नाम दे रहे है। लेकिन आपको बता दें इस एयर स्ट्राईक में वायु सेना के जवानों का साथ मिराज-2000 लड़ाकू विमान ने बखूबी दिया है। आइये जानते है भारतीय सेना ने इस एयर स्ट्राईक के लिए मिराज-2000 लड़ाकू विमान को ही क्यों चुना।

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125 राउंड गोलियां प्रति मिनट दागता है

दरअसल इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में शामिल मिराज- 2000 डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट यानी लड़ाकू विमान है। यह अंदर तक घुसकर मार करने वाला विमान है और इसकी खास बात यह है कि ये भीतर तक जाकर टारगेट को ध्वस्त करने की क्षमता रखता है। पिछले हफ्ते पोखरण में हुए वायुशक्ति में मिराज ने अपनी ताकत दिखाई थी। उसे जो भी लक्ष्य दिया गया उसको तबाह कर दिया था। मिराज को 1986 में औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल किया गया था। साल 2015 में अपग्रेडेड मिराज-2000 मिला, इसमें रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगे है। इसके अलावा ये विमान 125 राउंड गोलियां प्रति मिनट व 68 मिमी के 18 रॉकेट प्रति मिनट में दागता है।

ये है मिराज की खासियत

मिराज-2000 एयर टू सर्फेस मिसाइल भी कैरी कर सकता है। ये वो मिसाइल जो हवा से जमीन पर मार कर सकती हैं। मिराज में 9 हार्ड पॉइंट होते हैं। यानी 9 पॉइंट्स पर हथियार ले जा सकता है। एक और बड़ी खास बात यह है कि मिराज को रडार भी आसानी से पकड़ नही सकता है। आपको बता दें कि 80 के दशक का मिराज- 2000 इंडियन एयरफोर्स बेड़े में शामिल सबसे अच्छा लड़ाकू विमान है। आपको बता दें मिराज-2000 का उसी फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट ने निर्माण किया है जिसने राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट बनाया है। मिराज इंडियन एयरफोर्स के अलावा फ्रांस, यूएई और चीन के एयरफोर्स बेड़े में भी शामिल है।

ये विमान भी रहे एयर स्ट्राईक में शामिल

आपको बता दें एयरफोर्स की कार्रवाई में मिराज-2000 के अलावा डीआरडीओ के बनाये गये मिनी अवाक्स भी शामिल थे, जो करीब 200 किलोमीटर दूर तक हर हरकत पर नज़र रख सकते हैं। साथ में हवा में ईंधन भरने वाला एयर टू एयर रीफ्यूल भी था। करगिल युद्ध के समय भी मिराज ने बिना एलओसी क्रॉस किए पाकिस्तानी में मौजूद आतंकी कैंपों को तबाह किया था। गौरतलब है कि कारगिल जंग के दौरान जो मिग -21 के कमांडिंग ऑफिसर थे वो आज वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोवा है। उन्होंने भी उस वक़्त मिग -21 से पाक घुसपैठियों को निशाना बनाया था।