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ये क्या ! इस गांव में 25 साल की उम्र में ही लोग हो जाते हैं बूढ़े, चलते हैं लाठी का सहारा लेकर

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छत्तीसगढ़ -न्यूज टुडे नेटवर्क : जवान दिखने की चाहत सिर्फ महिलाओं में ही नहीं बल्कि पुरुषों में भी काफी ज्यादा मात्रा में होती है लेकिन अगर हम आपको बताएं कि आप 25 साल की उम्र में ही बूढ़े हो जाएंगे तो क्या आप हमारी बात का विश्वास मानेंगे? दरअसल यह बात सुनने में काफी अजीब लगती है, लेकिन ऐसा हकीकत में हो रहा है। जी हां, दरअसल एक ऐसा गांव हैं जहां पर रहने वाले लोग जवानी में ही बूढ़े हो रहे हैं।

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25 की उम्र में लाठी लेकर चल रहे लोग

बता दें कि यह अजीबो-गरीब गांव छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर भोपालपटनम में स्थित है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस गांव के लोग 25 वर्ष की उम्र में ही लाठी लेकर चलने पर मजबूर हो जाते हैं और उन्हें देखकर ऐसा लगता है मानों उनकी उम्र 50 से 60 साल के बीच हो।

पानी की वजह से बूढ़े हो रहे यहां के लोग

रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून। रहीम की यह पंक्ति पानी की महत्ता को बताती है। वहीं जब पानी अमृत के बजाए जहर बन जाए तो पूरा जीवन अपंगता की ओर बढ़ जाता है। गौरतलब है कि शारीरिक परेशानी या कोई फैली हुई बीमारी नहीं है बल्कि इसके पीछे की वजह गांव की जमीन के नीचे से निकलने वाला पानी है। आपको बता दें कि इस गांव के 40 त्न लोग उम्र से पहले ही या तो लाठी के सहारे चलने लगते हैं या तो बूढ़े हो जाते हैं।

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पानी में फ्लोराइड की मात्रा बहुत ही ज्यादा

शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण मजबूरन आज भी यहां के लोग फ्लोराइडयुक्त पानी पीने को मजबूर हैं। दरअसल हैंडपंपों और कुओं से निकलने वाले पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण पूरा का पूरा गांव समय से पहले ही अपंगता के साथ-साथ लगातार मौत की ओर बढ़ रहा है। शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। संबंधित विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इस गांव में आठ वर्ष की उम्र से लेकर 40 वर्ष तक के हर तीसरे व्यक्ति में कूबड़, दांतों में सडऩ, पीलापन और बुढ़ापा नजर आता है।

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प्रशासन की लापरवाही है मुख्य वजह

मालूम हो कि इस समस्या से ये गांव ही नहीं बल्कि इस गांव के आस पास का इलाका भी जूझ रहा है। फ्लोराइड युक्त पानी पीने की वजह से यहां के ज्यादातर लोग कुबड़ेपन का शिकार हो जाते हैं साथ ही उनके शरीर में कई तरह ही बीमारियां जन्म ले लेती हैं, हालांकि प्रशासन ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया और गरीबी और प्रशासन की लापरवाही की वजह से इस गांव के लोग अभी भी ये जहरीला पानी पीने पर मजबूर हैं।