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पढिय़े कॉफी पीने के क्या-क्या फायदे है-

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उत्तर भारत में चाय की अपेक्षा काफी का ज्यादा प्रचलित नहीं है, परन्तु दक्षिण भारत में काफी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल है। वहां इसे लोग खूब पसंद करते हैं। शोध से यह बात सिद्ध हो चुकी है। काफी का नियमित सेवन करने वाले लोग कई प्रकार की घातक बीमारियों से बचे रहते हैं। ये कह सकते है कि काफी एक और फायदे अनेक। तो पढिय़े कॉफी पीने के क्या-क्या फायदे है-

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मोटापा घटाने में मददगार

कॉफी से मोटापा घटाया जा सकता है। शोध से यह बात स्पष्ट हुई है कि कॉफी में पाया जाने वाला कैजीन प्राकृतिक रूप से मोटापा कम करने में सक्षम है। यह मानव शरीर का मेटाबॉलिज्म को 11 प्रतिशत तक बढ़ा देता है, जिससे शरीर से ऊर्जा जयादा खर्च न होने से शरीर में चर्बी जमा नहीं हो पाती है। कॉफी में चर्बी जलाने की इतनी अधिक कैपिसिटी है कि मोटे लोगों में 10 प्रतिशत तक और पतले लोगों में 29 प्रतिशत तक चर्बी को जला सकता है। लेकिन लंबे समय तक कॉफी का सेवन इसके फायदे को कम कर देता हैं। इसलिए इसका सेवन लंबे समय तक न करें।

ऊर्जा और बुद्धि मिलती

कॉफी में पाया जाने वाला कैफीन, कॉफी पीने के कुछ समय बाद हमारे रक्त के माध्यम से मस्तिष्क में पहुंचकर उसकी क्षमता को बढ़ देता है। मस्तिष्क में एडेनसीन हार्मोन को कम करके डोपमीन हार्मोन का स्तर बढ़ देता है, जिससे आपका मस्तिष्क पहले से अधिक सजग और जागृत होता है, जिससे आपकी कार्य क्षमता बढ़ जाती है। कई शोध से यह साबित करते हैं कि कॉफी पीने से याददाश्त बढ़ती है और मूड भी बेहतर हो जाता है।

शारीरिक कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक

कॉफी पीने से न केवल मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है, बल्कि शारीरिक कार्य क्षमता भी बढ़ जाती है। कैफीन नामक तत्व रक्त में एड्रेनलिन हार्मोन के स्तर को बढ़ा देता है। जिससे शरीर अत्यधिक मेहनती कार्य के लिए तैयार हो जाता है। और यह शरीर द्वारा ईंधन के रूप में प्रयोग की जाती है।

कई पोषक तत्व से भरापूर

कॉफी में कैफीन अतिरिक्त अन्य पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं, जैसे की विटामिन, मैग्नीज, पोटैशियम और मैग्नीशियम। यह मात्रा शारीरिक आवश्यकता की दृष्टि से बहुत कम होती है किंतु पोषण का एक स्रोत हो सकती है।

मधुमेह रोकने में सहायक

मधुमेह आज के समय में एक बड़ी समस्या है। इसमें या तो इंसुलिन का स्राव नहीं होता या इंसुलिन काम ही नहीं करता। जिससे हमारे रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। इस बारे में बहुत ही बढ़े स्तर पर शोध किया गया है जिससे पता चलता है कि प्रतिदिन एक कप कॉफी पीने से टाइप दो मधुमेह होने की संभावना 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है।