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उत्तराखंड में मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट, इस दिन होगी ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश बिजली गिरने की आशंका

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उत्तराखंड में जिस तरह से अचानक मौसम  ने करवट बदली उससे लगता है कि इस बार मानसून जून के पहले सप्ताह में दस्तक दे चुका है। बीती रात चमोली के लाबगड़ और अल्मोड़ा के चौखुटिया में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इधर मौस विभाग ने फिर से भारी बारिश और ओलावृष्टि का रेड एलर्ट जारी किया है। शासन ने भी एसडीआरएफ को अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। इन दिनों उत्तराखंड दावानल की चपेट में है। चमोली से लेकर हल्द्वानी तक जंगल आग से धधक रहे हैं। बारिश होती है तो जंगलों में लगी आग को बुझाने में काफी मदद मिलेगी।

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03 जून से 24 घंटे के दौरान तेज आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका है इसे लेकर मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। अगले पांच दिनों तक तापमान में गिरावट आने की संभावना बन रही है। कई हिस्सों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और बारिश हो सकती है। बारिश की वजह से तापमान 38 डिग्री से गिरकर 34 डिग्री तक आ सकता है। पर्वतीय इलाकों के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश और ओलावृष्टि से गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।

तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेशभर में हल्की बारिश की संभावना है। तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट का अनुमान है। मौसम विभाग ने अलग एक सप्ताह का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके तहत प्रदेश में कई हिस्सों में बादल छा सकते हैं। कुछ हिस्सों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और बारिश हो सकती है। बारिश की वजह से तापमान 38 डिग्री से गिरकर 34 डिग्री तक आ सकता है। पर्वतीय इलाकों के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश और ओलावृष्टि से गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।

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जंगलों की आग पर होगा नियंत्रण

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही कई स्थानों पर ओलावृष्टि का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि रेड अलर्ट के बीच पहाड़ पर यात्रा करने वाले लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

इस साल कम बारिश की वजह से जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ रही हैं। वन विभाग भी अब बारिश का इंतजार कर रहा है। माना जा रहा है कि अगले छह दिनों में होने वाली बारिश से जंगलों की आग से राहत मिल सकती है।