देहरादून-विजलेंस टीम ने उत्तराखंड सरकार के इस बड़े अधिकारी को किया गिरफ्तार, इस भर्ती घोटाले में था अहम रोल

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देहरादून–न्यूज टुडे नेटवर्क- विजलेंस टीम को आज एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी। विजलेंस टीम ने उत्तराखंड सरकार के एक बड़े अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद देहरादून से दिल्ली तक हडक़ंप मच गया। हाल ही में चर्चित स्टिंग मामले में उन्होंने अहम रोल अदा किया था। आयुर्वेद विवि के पूर्व कुलसचिव डा. मृत्यंजय मिश्रा को विजिलेंस की टीम ने करीब चार बजे ईसी रोड स्थित एक कॉफी शॉप से गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस देहरादून सेक्टर के एसपी प्रमोद कुमार ने इसकी पुष्टि की है। वहीं टीम आयुर्वेद विवि पहुंचकर इस मामले में अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है। मिश्रा के खिलाफ विवि में पद पर रहते पदों पर भर्ती में गड़बड़ी करने, वित्तीय अनियमितता और घोटाले के आरोप हैं। मामले की जांच विवि के कुलपति ने की थी। इसके बाद शासन ने विजिलेंस को खुली जांच करने के आदेश दिए थे।

स्टिंग मामले में भी आया था नाम

हाल ही में स्टिंग प्रकरण में भी उनका नाम आया था। जिसके बाद उनपर लगातार नजरें रखी जा रही थी। गौरतलब है कि विगत दिनों आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद से निलंबित कर दिया था। अप्रैल माह में मृत्युंजय मिश्रा को कुलसचिव के पद से हटाकर शासन में ही अटैच कर दिया गया था। वही बाद में इस आदेश को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसके बाद मिश्रा विवि में कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें छात्र नेताओं का विरोध झेलना पड़ा और गेट पर ही रोक दिया गया। वही कुलपति प्रो. अभिमन्यु कुमार ने शासन को पत्र भेजकर कहा था कि मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ विजिलेंस जांच गतिमान है।

भ्रष्टाचार का लगा था आरोप

उनके कुलसचिव पद पर बने रहने से उनके खिलाफ नियम विरुद्ध नियुक्ति, वित्तीय अनियमितताओं, घोटालों से संबंधित जांच और विजिलेंस जांच प्रभावित हो सकती है। इसी को आधार मानते हुए सचिव शैलेश बगोली ने उन्हें तत्काल निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया था। धारा 467, 468, 420, 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है।उनकी गिरफ्तारी के बाद देहरादून से दिल्ली तक हडक़ंप मच गया।

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