iimt haldwani

वाराणसी- भगवान शिव की नगरी काशी, जहां साक्षात बसते हैं महादेव, जो पर्यटकों के लिए है बेहद खास

37

काशी या बनारस के नाम से प्रसिद्ध वाराणसी शहर दुनिया का सबसे पुराना जीवित शहर है, जो तीर्थयात्रियों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी बेहद खास है। गंगा नदी के किनारे बसा यह शहर संस्कृति, पौराणिक कथाओं, साहित्य और कला का एक प्रमुख स्थान है। वाराणसी की उत्पत्ति उस समय (लगभग 2500 वर्ष पहले) की है जब भगवान शिव ने देवी पार्वती से शादी की थी और वाराणसी को अपने रहने की जगह चुना था। इसके बाद आर्यों ने शहर में आकर निवास किया और यहां पर रेशम, मलमल, हाथी दांत और इत्र आदि चीजों का व्यापार शुरू किया।

amarpali haldwani

v-assighat

यह भी पढ़ें- अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है गोवा और वहां के मुख्य पर्यटन स्थल, ऐसे ले सकते हैं छुट्टियों का मजा

गंगा नदी की आरती

अफगान आक्रमण और मुस्लिम शासन दौरान इस शहर को अपने विनाशकारी दौर से गुजरना पड़ा था, जिसमें कई मंदिरों का विनाश हुआ था। लेकिन मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में इस जगह को अपना गौरव वापस मिला। भगवान शिव के नाम से मशहूर यह काशी नगरी, मंदिरों और घाटों के अलावा बहुत सारे अन्य भव्य दृश्यों का दर्शन कराती है जो दर्शनीय है। शहर के मध्य से प्रवाहित होने वाली पवित्र गंगा नदी निस्संदेह वाराणसी शहर की सुन्दरता और पवित्रता को बढ़ा देती है। सुबह शाम होने वाली गंगा नदी की आरती से वाराणसी शहर में भक्ति लहर दौड जाती है। भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ, तुलसी दास जी का वह निवास स्थल जहाँ बैठ कर वह राम चरित मानस लिखा करते थे जो अब तुलसी मानस घाट और मंदिर है। ऐसे अनेकानेक जगह है जो मन को मोह सकते हैं। आइये ऐसे ही कुछ स्थलों पर एक झलक डालते हैं।

Varanasi-temple-new-Vishwanath-Temple

यह भी पढ़ें-राजस्थान (जयपुर) के सबसे खूबसूरत मुख्य पर्यटन स्थल , जहां लगी रहती हैं हमेशा पर्यटकों की भीड़

काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी

अगर आप वाराणसी की यात्रा करने जा रहे हैं तो काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करे बिना आपकी यात्रा अधूरी रह जाएगी। काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक हैं जो भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर में मौजूद शिव के ज्योतिर्लिंग को देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। वाराणसी के सबसे खास मंदिरों में से एक होने की वजह से इस मंदिर में रोजाना लगभग 3,000 भक्त आते हैं लेकिन विशेष मौकों पर यह बढक़र 1,00,000 तक पहुंच जाते हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर इस वजह से भी बेहद प्रसिद्ध है क्योंकि यह हिंदुओं के कई पवित्र ग्रंथों में उल्लेख करता है।

v7

वाराणसी घाट

वाराणसी (काशी) में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। वाराणसी के घाट गंगा नदी के धनुष की आकृति होने के कारण मनोहारी लगते हैं। सभी घाटों के पूर्वार्भिमुख होने से सूर्योदय के समय घाटों पर पहली किरण दस्तक देती है। उत्तर दिशा में राजघाट से प्रारम्भ होकर दक्षिण में अस्सी घाट तक सौ से अधिक घाट हैं।

va

अस्सी घाट

वाराणसी रेलवे स्टेशन से 7 किलोमीटर की दूरी स्थित अस्सी घाट एक ऐसी पवित्र जगह है जहां आने वाले तीर्थयात्री एक पीपल के पेड़ के नीचे स्थित एक विशाल शिव लिंग की पूजा करके भगवान शिव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। बता दें कि अस्सी घाट अस्सी और गंगा नदी के संगम पर स्थित है जो काशी की प्राचीनता को दर्शाता है। अगर आप वाराणसी की यात्रा करना आ रहे हैं तो आपको सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से अस्सी घाट की सैर जरुर करना चाहिए। इस घाट की आरती का आकर्षक नजारा वाराणसी शहर को देश की सबसे खूबसूरत जगह बनता है।

दशाश्वमेध घाट

वाराणसी में गंगा नदी पर मुख्य घाट दशाश्वमेध घाट यहां का एक बहुत ही खास स्थान है जो अपनी आध्यात्मिकता के लिए जाना जाता है। इस स्थान के बारे कहा जाता है कि इस जगह पर भगवान ब्रह्मा ने दसा अश्वमेध यज्ञ किया था, जिसमे उन्होंने 10 घोड़ों की बलि दी थी। दशाश्वमेध का नाम वाराणसी के पर्यटन स्थलों की लिस्ट में सबसे ऊपर आता है, क्योंकि यह एक बहुत ही आकर्षक धार्मिक स्थल है जहाँ पर कई तरह के अनुष्ठान किए जाते हैं। हर दिन शाम को इस घाट पर आयोजित गंगा आरती सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। गंगाजी की इस आरती को देखना अपने आप में एक बहुत ही खास अनुभव है जिसको हम शब्दों में नहीं बता सकते। जब भी आप वाराणसी की यात्रा करने जायें तो दशाश्वमेध घाट जरुर देखने जाये।

v-marnikaghat

मणिकर्णिका घाट वाराणसी

वाराणसी में स्थित मणिकर्णिका घाट को अंतिम संस्कार के लिए एक शुभ स्थान माना जाता है। मणिकर्णिका घाट का नाम वाराणसी के प्रमुख स्थानों में शामिल है। इस घाट को जीवन के प्रवेश द्वार के रूप में माना जाता है। कई हिन्दू मानते हैं कि वाराणसी में मरने वालों को मोक्ष प्राप्त होता है। इस घाट को देखने जाना अपने आप में एक बहुत ही सुंदर और चौंकाने वाला अनुभव है।

v-sarnath

वाराणसी सारनाथ मंदिर 

वाराणसी से 13 किमी की दूरी पर स्थित सारनाथ भारत में प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। वाराणसी के आस-पास घूमने वाली जगहों में यह एक बेहद खास स्थान है। काशी के घाटों और गलियों में घूमने के बाद आप इस जगह आकर एकांत में शांति का अनुभव कर सकते हैं। माना जाता है कि बोधगया में ज्ञान प्राप्त करने भगवान बुद्ध अपने पूर्व साथियों की तलाश में सारनाथ आये थे और उन्होंने यहां अपना पहला उपदेश दिया था। सारनाथ के लोकप्रिय दर्शनीय स्थलों में चौखंडी स्तूप, अशोक स्तंभ, धमेख स्तूप, पुरातत्व संग्रहालय, मूलगंध कुटी विहार, चीनी, थाई मंदिर और मठ शामिल हैं।

v-tulsi

तुलसी मानसा मंदिर वाराणसी-

तुलसी मानसा मंदिर वाराणसी के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। इस मंदिर का निर्माण 1964 किया गया था जो भगवान राम को समर्पित है। बता दें कि इस मंदिर का नाम संत कवि तुलसी दास के नाम पर पर रखा गया है। बताया जाता है कि यह वो स्थान है जहां पर तुलसीदास ने हिंदी भाषा की अवधी बोली में हिंदू महाकाव्य रामायण लिखी थी। मंदिर में सावन के महीनों (जुलाई -अगस्त) में कठपुतलियों का एक विशेष प्रदर्शन होता है जो रामायण से संबंधित है। अगर आप एक मजेदार अनुभव का आनंद लेना चाहते हैं, तो सावन के महीनों में यहां की यात्रा करें।

वाराणसी के कुंड

लोलारक कुंड : तुलसीघाट से पैदल दूरी पर पवित्र लोलारक कुंड है। महाभारत में भी इस कुण्ड का उल्लेख मिलता है। रानी अहिल्याबाई होल्कर ने इस कुण्ड के चारों तरफ कीमती पत्थर से सजावट करवाई थी। यहां पर लोलाकेश्वर का मंदिर है। भादो महीने (अगस्त-सितम्बर) में यहां मेला लगता है।

दुर्गा कुण्ड : अस्सी रोड से कुछ ही दूरी पर आनन्द बाग के पास दुर्गा कुण्ड है। यहां संत भास्करानंद की समाधि है। यहां पर एक दुर्गा मंदिर भी है। मंगलवार और शनिवार को इस मंदिर में भक्तों की काफ़ी भीड़ रहती है। इसी के पास हनुमान जी का संकटमोचन मंदिर है। महत्ता की दृष्टि से इस मंदिर का स्थान काशी विश्वनाथ और अन्नपूर्णा मंदिर के बाद आता है।

va

घूमने के लिए धार्मिक स्थल

जैसा की पहले ही जान चुके हैं की यह मंदिर और घाटों का शहर है। अत: एक कोने से लेकर दूसरे कोने तक आपको इतने सारे घाट और मंदिर मिलेंगे की आप घूमते रह जायेंगे। ये सब इस शहर के प्राण हैं जो इसकी सुंदरता और भव्यता के प्रतिक हैं। इस श्रेणी में अगर घाटों की बात करें तो दशश्वमेध घाट, हरिश्चंद्ब घाट, मणिकर्णिका घाट, तुलसी मानस घाट, शीतला घाट, गाय घाट, ललित घाट, मन मंदिर घाट, लाल घाट, जानकी घाट, अस्सी घाट और भी लगभग सैकड़ों घाट हैं। और इन घाटों के अलावां मंदिरों में काशी विश्वनाथ मंदिर ( पुराना -नया ), तुलसी मानस मंदिर, भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, संकट मोचन मंदिर, जैन मंदिर और बहुत से मंदिर हैं जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का काम करते हैं। इन सब दर्शनीय स्थलों के लिए आप आराम से एक किराये पर टैक्सी ले सकते हैं और हर जगह घूम सकते हैं।

v5

वाराणसी में कुछ ऐतिहासिक स्थल

धार्मिक जगहों के बाद अब बारी आती है ऐतिहासिक स्टाहलों की। यह शहर प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक अनेक सम्राटों को देख चूका है चाहे वह मुगल सम्राट हो, मगध साम्राज्य के सम्राट हों या फिर अन्य; यह सबका गावाह है। वाराणसी के ऐतिहासिक स्थलों में, इस समय राम नगर किला को हम नहीं नकार सकते और सारनाथ तथा बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय को हम कैसे छोड़ सकते हैं। पुराणों में भी कई जगह इसका जिक्र आता है जो इसकी ऐतिहासिक महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। सारनाथ एक ऐसा जगह है जहाँ पर भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश अपने 5 शिष्यों को दिया था। और उसके बाद पुरे विश्व का भ्रमण किया था। इसके अलावां आप दशाश्वमेध घाट, चुनार का किला, कंपनी गार्डन, चेत सिंह घाट, और मन महल का भी एक चक्कर लगा सकते हैं।

कुछ अन्य खूबसूरत जगह

ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के बाद अब बारी आती है कुछ ऐसे स्थान जो मौज मस्ती के लिए जा सकते हैं और इनके लिए यहाँ बहुत से पार्क, होटल, और माल हैं जो आपकी हर इच्छा को पूरा कर सकते हैं. अगर पार्क की बात करें तो नेहरू पार्क, संत रविदास स्मारक पार्क, मछोदरी पार्क, हिरन पार्क, और आनंद पार्क कुछ ज्यादा ही आकर्षक हो सकते हैं। दूसरी ओर, कंपनी गार्डन, मुंशी प्रेमचंद पार्क, शिवाजी नगर पार्क, शाहिद उद्यान और बुद्ध विहार भी किसी से कम नहीं हैं। शॉपिंग और एन्जॉय के लिए छ्व॥ङ्क मॉल, क्कष्ठक्र मॉल, ढ्ढक्क मॉल सिगरा, आईपी विजया मॉल, शपुरी मॉल, विनायक प्लाजा, और कुबेर परिसर भी जबरदस्त हैं। इनमे से कही भी घूमने के लिए वाराणसी में टैक्सी कर सकते हैं और मौज मस्ती कर सकते हैं।

वाराणसी घूमने का सबसे अच्छा समय

अगर आप के मन में यह सवाल आ रहा है कि वाराणसी जाने के लिए अच्छा समय क्या है तो बता दें कि अगर आप वाराणसी की यात्रा करना चाहते हैं तो अक्टूबर से मार्च तक के महीनों में जायें। इन महीनों में वहां का मौसम यात्रा के लिए अनुकूल होता है। नवंबर में हर साल वाराणसी में एक पांच दिवसीय उत्सव गंगा महोत्सव मनाया जाता है, यह उत्सव आने वाले पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है।

v

वाराणसी में रेस्तरां और स्थानीय भोजन

अगर आप वाराणसी की यात्रा के लिए आये हैं और यहां खाने की अच्छी जगह और बनारस में खाने की चीजों के बारे में जानना चाहते हैं तो हम आपको बताना चाहेंगे कि इस शहर के क्षेत्र के लोकप्रिय व्यंजनों में दम आलू, बाटी, आलू-टिक्की, कचोरी, पानी पुरी, जलेबी, राबड़ी और बनारसी केकंद जैसी मिठाइयां भी मशहूर हैं। बता दें कि अगर आप पान खाने के शौकीन है तो बनारस के मशहूर पान का स्वाद भी चख सकते हैं। वाराणसी में मिलने वाले पेय पदार्थों में यहां की मशहूर ठंडाई सबसे खास है, जिसमें भांग भी मिलाई जाती है। इसके अलावा भर पेट भोजन खाने के लिए आप यहां के कई रेस्तरां में जा सकते हैं इसके अलावा आप रोज के खाने से कुछ अलग स्वाद लेना चाहते हैं तो बनारस के स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड का मजा भी ले सकते हैं।

वाराणसी कैसे पहुंचा जाये-

हवाई जहाज से वाराणसी कैसे पहुंचा जाये- अगर आप हवाई जहाज से वाराणसी की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो बता दें कि आप देश के किसी भी प्रमुख शहर से वाराणसी के लिए फ्लाइट ले सकते हैं। वाराणसी शहर में खुदका हवाई अड्डा लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है जो भारत के अन्य शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

tren (1)

रेल से वाराणसी कैसे पहुंचा जाये-  वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन भारत के कई प्रमुख शहरों से रेल के माध्यम से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। आप दिल्ली, मुंबई, भोपाल और भारत के कई बड़े शहरों से वाराणसी के लिए ट्रेन पकड़ सकते हैं। वाराणसी रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद आप इस पर्यटक शहर का भ्रमण करने के लिए टैक्सी या कैब किराए पर ले सकते हैं।

बस से वाराणसी कैसे पहुंचा जाये-  अगर आप से वाराणसी के लिए जाना चाहते हैं तो बता दें इस शहर के लिए आपको दिल्ली और आसपास के शहरों से बस आसानी से मिल जाएगी।