बरेली ब्रेकिंगः बरेली में पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार ने किया कोर्ट में सरेंडर

भगवत सरन गंगवार बरेली की नवाबगंज विधानसभा सीट से पांच बार विधायक और सपा मुलायम सिंह यादव-अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रह चुके हैं। जानलेवा हमले के मामले में भगवत सरन के साथ कोर्ट में जिन और सपा नेताओं ने कोर्ट में समर्पण किया है, उनमें पूर्व ब्लाक प्रमुख पुरुषोत्तम गंगवार, पूर्व ब्लाक प्रमुख विनोद दिवाकर, बरेली वार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष शेरसिंह गंगवार, अनिल गंगवार, ओमेन्द्र गंगवार, योगेन्द्र गंगवार, तरुण गंगवार सुधीर मिश्रा, वीरपाल शामिल हैं। सभी के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर रखा था। अग्रिम जमानत के लिए सपा नेता हाईकोर्ट गए थे मगर राहत नहीं मिली। जिसके बाद सभी आरोपियों ने बरेली कोर्ट में समर्पण कर दिया।

पूरा मामला 2017 का है, जब पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार नवाबगंज सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे। उनका मुकाबला भाजपा प्रत्याशी के केसर सिंह गंगवार से था। एक ही गांव अहमदाबाद के रहने वाले भगवत सरन और केसर सिंह पक्षों में कई दशक से राजनैतिक लड़ाई चली आ रही थी। चुनाव में फिर आमना-सामना हुआ तो आपस में टकराव हो गए। हाफिजगंज इलाके में दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इसमें भगवत सरन ने केसर सिंह गंगवार सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद केसर सिंह पक्ष के तेजराम की ओर से भगवत समेत कई लोगों पर केस लिखाया गया था। चुनाव जीतकर भाजपा उम्मीदवार केसर सिंह गंगवार नवाबगंज के विधायक बने थे, जिनका कोरोना काल में निधन हो गया था।

सपा नेता भगवत सरन का कहना है कि भाजपा सरकार बनने के बाद भी पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज कराए केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी मगर बाद में राजनैतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर मामला पीलीभीत ट्रांसफर कराकर फिर से केस की फाइल खुलवाकर चार्जशीट लगा दी गई थी। दोनों पक्षों में समझौता भी हो गया था मगर कोर्ट में मामले की सुनवाई अभी भी चल रही है। भगवत सरन और उनके पक्ष के सपा नेता अभी तक कोर्ट में हाजिर नहीं हुए थे। जिसके बाद सभी का गैर जमानती वारंट जारी हुआ था।