BAREILLY FARIDPUR AGNIKAND: एक माह में दो अग्निकांड की कसक जिन्दगी भर नहीं भुला पाएंगे फरीदपुर वाले, तबाह हो गयीं परिवारों की खुशियां

 | 

न्यूज टुडे नेटवर्क। बरेली के फरीदपुर में झोपड़ी में लगी आग ने चार मासूम बच्चों की जान ले ली। इसके पहले फरीदपुर में घर में सो रहा पूरा परिवार अग्निकांड की भेंट चढ़ गया था। एक महीने के भीतर दो अग्निकांड से फरीदपुर हिल गया है। करीब एक माह पहले भी फरीदपुर में इसी तरह की घटना हुयी थी। फर्रखपुर मोहल्ले में पांच लोगों की घर के भीतर जिंदा जलकर मौत हो गयी थी। तब घर में तापने के लिए लगायी गयी अंगीठी की चिंगारी ने पति पत्नी समेत तीन बच्चों की बलि ले ली थी। इस हादसे को फरीदपुर वाले भूल भी नहीं पाए थे कि एक और अग्निकांड ने कस्बे को हिलाकर रख दिया।

फरीदपुर के बिलसंडी गांव के एक घर में अचानक आग लग गयी। घर में खेल रही बच्चियां तब छत पर खेल रही थीं। आग से बचने को मासूम बच्चियां नीचे उतरने की बजाय भूसे और पुआल से भरी झोपड़ी में घुस गयीं। लेकिन काल को कुछ और ही मंजूर था। देखते ही देखते आग की चिंगारी झोपड़ी पर गिरी और आग ने विकराल रूप ले लिया। बच्चियों को चीखने तक का मौका नहीं मिला। आग की लपटों से घिरी बच्चियों को बचने का रास्ता नहीं सूझा, आखिरकार चारों मासूमों की जान चली गयी।

दर्दनाक हादसे के बाद फरीदपुर में मातम का माहौल है। इससे पहले हुए अग्निकांड में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद भी कस्बे में चूल्हे नहीं जले थे। बिलसंडी गांव में अनुसूचित जाति के रामदास का परिवार मजदूरी करके गुजारा करता था। गांव के मकान में रामदास अपने चार बेटों के परिवार के साथ रहते थे। छत के उपर मिट्टी की दीवार के सहारे झोपड़ी बनाकर उसमें भूसा और पुआल भर रखा था।

शुक्रवार को घर के सभी पुरूष मजदूरी करने गए थे। महिलाएं उपले पाथने जैसे रोजाना के काम में जुटी थीं। और चारों बच्चियां छत पर ही खेलकूद में व्यस्त थीं। दर्दनाक हादसा पूरे परिवार की जिंदगी वीरान कर गया है।

पड़ोसियों की मशक्कत के बाद आग बुझी लेकिन तब तक परिवार की दुनियां तबाह हो चुकी थी। हादसे में तीन बच्चियों की पहले ही मौत हो गयी थी, जबकि एक गंभीर झुलसी बच्ची नीतू की सांसें चल रहीं थीं, लेकिन जिला अस्पताल में कुछ घंटे इलाज के बाद नीतू की सांसें भी थम गयीं।