देहरादून-अमीरात में एशियाई कप में खेलेगा उत्तराखंड का छोरा, मिली भारतीय फुटबॉल टीम में जगह

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देहरादून-न्यूज टुडे नेटवर्क-एक बार फिर विश्व पटल में देवभूमि का नाम आया है। इस बार देहरादून के अनिरुद्ध थापा ने उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। अनिरुद्ध थापा एक मात्र उत्तराखंडी खिलाड़ी है जिन्हें भारतीय फुटबॉल में शामिल किया गया है। देराहदून निवासी 20 वर्षीय अनिरुद्ध थापा को बतौर मिडफील्डर टीम में शामिल किया गया है। देहरादून के नेपाली मूल माता-पिता की संतान अनिरुद्ध थापा मात्र 20 बरस की उम्र में भारत की सीनियर फुटबॉल टीम में जगह बना चुके हैं। अनिरुद्ध थापा भारत की अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 आयु वर्ग में नुमाइंदगी करने के बाद सीनियर टीम में बतौर मिडफील्डर मजबूत जगह बनाने में सफल रहे। पांच जनवरी से संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित होने वाले एएफसी एशियाई कप में अनिरुद्ध भारतीय टीम का हिस्सा होंगे।

यंग सेंट्रल मिडफील्डर के रूप मिली पहचान

उत्तराखंड के अनिरुद्ध थापा का शुमार अब देश के बेहतरीन यंग सेंट्रल मिडफील्डर के रूप में माने जाते है। अनिरुद्ध थापा खुद इस बात का खुलासा करते हुए कहते हैं जब वह बचपन में फुटबॉल खेलते थे तो शारीरिक रूप से बहुत मजबूत नहीं थे। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें एआईएफएफ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर के अवार्ड से नवाजा गया। एशियाई फुटबॉल संघ की ओर से पांच जनवरी से एक फरवरी तक एएफसी एशियाई कप के 17वें संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भारतीय टीम भी हिस्सा लेगी। इसके लिए ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन ने 23 खिलाडिय़ों की टीम की घोषणा की है। जिसमें उत्तराखंड से एकमात्र खिलाड़ी अनिरुद्ध थापा का नाम भी शामिल है।

भारत का पहला मुकाबला थाईलैंड होगा

एएफसी एशियाई कप में छह जनवरी को भारत का पहला मुकाबला थाईलैंड के साथ खेला जाएगा। वही सीनियर टीम से पहले अनिरुद्ध थापा भारत की अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 आयु वर्ग में भी शामिल रहे हैं। अनिरुद्ध थापा को 2017-18 में इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर के अवॉर्ड से नवाजा गया। बतौर मिडफील्डर आप स्ट्राइकरों और डिफेंडरों के बीच फंस जाते हैं और उनके बीच से निकलने के लिए शारीरिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। जो अनिरूद्ध में कूट-कूट कर भरा है। मेरे लिए इसमें भारत के लिए खेलना एक सपने के सच होने की तरह था।