''देहरादून- खनन की लूट बंद होने पर भड़क रहें हैं राजनेताओ पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने ली चुटकी, बोले धामी की खनन नीति no.1''

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देहरादून- खनन की लूट बंद होने पर भड़क रहें हैं राजनेताओ पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने ली चुटकी, बोले धामी की खनन नीति no.1

देहरादून - ( जिया सती ) राज्य में खनन सामग्री की लूट बंद होने पर भड़क रहें हैं राजनेताओ को खनन कारोबारी और ट्रांसपोर्टर अब खरी खरी सुना रहें हैं.. देहरादून ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार पाण्डेय ने फेसबुक से धामी सरकार की खनन नीति पर अंगुली उठाने वाले विधायक और पूर्व विधायक को कटघरे में ही खड़ा कर दिया हैं.. उन्होंने कहा कि खनन को कोई मुद्दा न बनाये बल्कि विकास के लिए नेता काम करें.

राज्य में अवैध खनन हमेशा माफियाओ और राजनेताओं के गठजोड़ से फलता फूलता रहा हैं. लेकिन राज्य की धामी सरकार ने ऐसे माफियाओं को सबक सिखाने के लिए खनन नीति में अभूतपूर्व परिवर्तन करके गठजोड़ की कलाई खोल दी हैं. देहरादून ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पाण्डेय ने किसी भी नेता का नाम लिए बगैर बोला कि राज्य में अवैध खनन पर मनगाड़ंत टिप्पणी करने वाले नेताओं को आईना दिखाना बेहद जरूरी हैं.पाण्डेय ने फेसबुक पर कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खनन नीति सबसे प्रभावी सबसे पारदर्शी हैं इसीलिए एक तिमाही में 1100 करोड़ के राजस्व की वसूली हुई हैं इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ.. इसमें खनन माफिया और अवैध खनन करने वालों पर पूरी नकेल कस दी हैं इसीलिए नेताओं की नाराजगी सामने आ रही हैं. 

*कैसे हुई खनन चोरों की छुट्टी*
 
पाण्डेय खनन कारोबार को ढार्रे पर लाने वाली खनन नीति को धामी सरकारी की उपलब्धि बताते हैं.. उन्होंने कहा कि प्राइवेट कंपनी के आने से खनन चोरों की छुट्टी हुई हैं और खनन करने वाले स्थानीय लोगों को पट्टों से रोजगार के नए द्वार खुल गए हैं.. अब तक जो माफिया नेताओं के गठजोड़ से बगैर पट्टा लिए खनन का मिलोँचा कर रहें थे उनकी दुकान धामी सरकार की खनन नीति से पूरी बंद हो गई हैं..

 आज उन्हीं राजनेताओं की जेबे खनन माफिया भरने में असमर्थ हैं.. अब वह माफिया अधिकारियो और सरकार पर दबाव बनाने के लिए राजनेताओं से बयान दिलाकर अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं.. 

*खनन प्रोत्साहन नीति से खुश हैं ट्रांसपोर्टर*

ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन ने नेताओं की कोरी और झूठी बयानबाजी को भी चुनौती दी हैं उन्होंने कहा कि धामी सरकार द्वारा बनाई गई इस व्यवस्था में प्रत्येक नाके पर 
खनन सर्विलांस की टीम बगैर रॉयल्टी के एक ट्रक क्या बुग्गी भी नहीं ले जाने देती हैं.. इस नीति से गढ़वाल और कुमाऊँ के खनन कारोबारी और ट्रांसपोर्टर भी बेहद खुश हैं. धामी सरकार की खनन नीति से राज्य के खनन कारोबारी के प्रोत्साहन की नीति हैं जिसकी जितनी प्रशंसा की जाएं उतनी कम हैं..  

*दूसरे राज्य भी कर रहें हैं नीति का अनुसरण*

पाण्डेय ने फेसबुक के जरिये यह भी बताया कि राज्य में होने वाले अवैध खनन और अवैध परिवहन पर रोक को देखकर हिमांचल, हरियाणा, उत्तरप्रदेश सरकार के अधिकारी नीति के कुछ अंश लेकर अपने राज्य में अपना रहें हैं..पाण्डेय की फेसबुक पर सैकड़ो कारोबारी उन्हें इस साहस भरे लाइव को लेकर उनकी भी तारीफ कर रहें हैं.

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