Kumaon News - यहां भाजपा प्रदेश मंत्री, मेयर सहित तीन लोगों पर केस दर्ज, चोरी करने का आरोप, जानिए पूरा मामला

 | 

Kumaon News -  उत्तराखंड से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, रुद्रपुर ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में गौशाला की जमीन से पेड़ काटने सहित अन्य आरोपों पर निवर्तमान मेयर, भाजपा प्रदेश मंत्री सहित तीन लोगों पर केस दर्ज हुआ है। कोर्ट से आदेश पर केस दर्ज करने की कार्रवाई हुई है न्यायालय प्रथम अपर सिविल जज को दिए प्रार्थना पत्र में मंहत राम बालक दास निवासी वार्ड नंबर 12 सनकादिक तपस्थली राधाकृष्ण कुंड शैलजा फार्म थाना ट्रांजिट कैंप ने कहा है कि खसरा सं0- 66 में गौशाला स्थित है। गोशाला में प्रार्थी विगत कुछ वर्षों से गऊमाता की सेवा करता चला आ रहा है। गौशाला में गायों की छाया के लिए कुछ पेड़ पौधे लगे हुए थे, जिसमें सागवान के भी काफी पेड़ थे।


गौशाला की भूमि और पेड़ों को हड़पने के लिए नगर निगम के निवर्तमान मेयर रामपाल सिंह निवासी शक्तिविहार कॉलोनी निकट अटरिया देवी मंदिर रुद्रपुर, रोशन अरोरा देशराज निवासी आवास विकास रुद्रपुर, भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा निवासी नन्द विहार कालोनी गंगापुर रोड़ फुलसुंगा रुद्रपुर की नियत खराब हो गई। तीनों लोगों ने 28 मार्च 2021 को नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर 7-8 लोगों को लेकर आरा-कुल्हाडी और पेड़ काटने के सारे औजार आदि लेकर राधाकुण्ड परिसर में घुस आए और वहां 50 से 60 सागवान के हरे पेड़ों को काटकर अवैध रूप से गिरा दिया और तुरंत लट्ठे के रूप में बनाकर रात्रि के समय ले गए। किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए सागवान के पेड़ों की जड़ों को खोदकर उसके स्थान पर कूढ़ा व मिट्टी भरकर उक्त खड़े पेड़ों के निशानों को मिटा दिया। पेड़ों के काटने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की गई।

तराई केन्द्रीय वन निगम विभाग ने  शिकायत सही पाते हुए संबंधितों के खिलाफ आईपीसी की सुसंगत धाराओं में संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की थी। लेकिन आज दिन तक कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। जिसमें गौशाला व सरकार को काफी भारी आर्थिक क्षति हुई है। लकड़ी चोरो पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को 26 अगस्त 23 को जरिए डाक प्रेषित किया गया किंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर मजबूर होकर प्रार्थी न्यायालय के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहा है। पुलिस ने आरोपियों पर धारा 379 आईपीसी, भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26  के तहत केस दर्ज किया है।