‘’ग्राफिक एरा में वर्ल्ड चैम्पियन स्नेह राणा पर फूलों की बारिश, महिला क्रिकेट की पहचान सबसे बड़ी चुनौती थी’’
देहरादून - ( जिया सती ) 14 नवम्बर को महिला क्रिकेट वर्ल्ड चैम्पियन टीम की खिलाड़ी स्नेह राणा जब अपनी यूनिवर्सिटी ग्राफिक एरा पहुंचीं, तो उनका शानदार स्वागत किया गया। कैंपस में छात्रों ने उन पर फूल बरसाकर उत्साहपूर्वक उनका अभिवादन किया।
स्नेह राणा ने कहा कि जब उन्होंने क्रिकेट को करियर के रूप में चुना था, तब लोग महिला क्रिकेट को लेकर गंभीर नहीं थे। ऐसे माहौल में आगे बढ़ना आसान नहीं था, लेकिन परिवार और दोस्तों ने हमेशा उनका साथ दिया।
ग्राफिक एरा के सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में उनके स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। ढोल-नगाड़ों के बीच छात्रों ने उन्हें विश्व विजेता के रूप में सम्मान दिया।
छात्रों से बातचीत के दौरान स्नेह ने बताया कि उनके दोस्त हमेशा उन्हें सही दिशा दिखाते रहे और गलत राह पर जाने से रोका। उन्होंने कहा कि दोस्तों ने उन्हें हर चुनौती में संभाला।
जब उनसे तैयारी के बारे में पूछा गया, तो स्नेह ने बताया कि महिला क्रिकेट की पहचान बनाना उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौती थी। उत्तराखंड में उस समय महिला क्रिकेट को लेकर लगभग कोई जागरुकता नहीं थी।
ऐसे माहौल में उन्हें पंजाब जाकर क्रिकेट सीखनी पड़ी। छोटी उम्र में घर से दूर रहना भी उनके लिए एक कठिन अनुभव था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
स्नेह राणा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे जिस भी क्षेत्र को चुनें, उसमें समर्पण, धैर्य और फोकस बहुत ज़रूरी है। मेहनत को कभी आधे मन से न करें, बल्कि पूरी लगन से काम करें।
उन्होंने कहा कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती; उसके पीछे संघर्ष और निरंतर प्रयास होते हैं। स्नेह ने यह भी कहा— “सच हम नहीं, सच तुम नहीं, सच हैं मगर संघर्ष।”
स्नेह ने ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें यहां से जो प्रेम और सहयोग मिला, वह बेहद खास है। उन्होंने बताया कि हर विकेट लेने के बाद वे अपने दिवंगत पिता के लिए एक खास संकेत बनाकर श्रद्धांजलि देती हैं।
कार्यक्रम में ग्राफिक एरा ग्रुप के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि चोटिल होने के बाद पांच साल बाद नेशनल टीम में वापसी करना स्नेह राणा के दृढ़ संकल्प और जज़्बे को दर्शाता है। यह किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत कठिन चुनौती होती है।
डॉ. घनशाला ने कहा कि 15–16 साल पहले जब महिला क्रिकेट में करियर को लेकर कोई उम्मीद नहीं थी, उस समय स्नेह के माता-पिता ने उन पर भरोसा किया। आज स्नेह उत्तराखंड की लड़कियों के लिए बड़ी प्रेरणा बन गई हैं।
समारोह के दौरान डॉ. कमल घनशाला और वाइस चेयरपर्सन डॉ. राखी घनशाला ने स्नेह और उनकी मां का सम्मान किया तथा 11 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भेंट की। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
