देहरादून - बजट पर सरकार को घेरा, यशपाल बोले 'न बेरोजगारों की सुनी न कर्मचारियों का रखा ख्याल 

 | 

उत्तराखंड बजट पर कांग्रेस का बयान 

   नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज का बजट एक असफल सरकार का बजट है। जिसने हर वर्ग को निराश किया। बजट से साफ हो गया है कि, भाजपा की डबल इंजन सरकार में प्रति व्यक्ति आय और विकास की मंजिल केवल मिथ्या प्रचार और जुमलेबाजी है। इसे केवल मानक नारों और प्रेमी शीर्षकों से अपनाया गया है।

     
आर्य ने कहा कि ऐसा अनोखा होता है कि सरकारी घोटालों को विकास, रिकॉर्ड ज़ूडो बेरोज़गारी को विकास, क्रिस्टल को अपराध, नशाखोरी और ज़ुल्म को उथल-पुथल और चरमरायी स्वास्थ्य सुविधाओं को हासिल करना चल रहा है।

किसान, श्रमिक, कर्मचारी, प्रधान मंत्री, शोषित, दलित सहित हर वर्ग पर अत्याचार और स्वार्थ करने के लिए भाजपा ने समृद्धि का मार्ग अपनाया है। लेकिन नागरिक, निजी और मानवीय विवेक का मानना ​​है कि ये विनाश का रास्ता है, समृद्धि का नहीं।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव की दृष्टि से जनता को उम्मीद थी कि बजट में कम से कम कुछ की घोषणा की जाएगी। लोगों को आशा थी कि इस बार बेरोजगारी, बेतहाशा टैक्स और आर्थिक मंदी से कुछ राहत मिलेगी। पर कुछ हाथ नहीं लगा।

  नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना को लेकर आशान्वित थे और किसान मुख्य रूप से समर्थन मूल्य के लिए थे। रिश्तों को नई शुरुआत की आशा थी, घरों को बजट में महंगाई कम होने की उम्मीद थी। लेकिन सरकार के बजट ने कंपनी आशाओं पर पानी फेर दिया।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, इस बजट में अगर कुछ भी मिला तो उस पर कर्ज का भार है। लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, रोजगार और सरकारी भर्ती आदि तो दूर, इस साल भी सरकार कुल बजट का एक वैकल्पिक ऋण लेकर काम करेगी।

उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड में सरकार की नाकामयाबियों की उपलब्धि के नाम पर विश्वास सिर पर उधारी रहेगी। जल्दी सारे रोजगार निजी हो जाएं, बस सरकार ही सरकारी रहेगी।

    यशपाल आर्य ने कहा कि, सरकार के बजट भाषण में कहा जा रहा है कि प्रदेश में भारी मात्रा में निवेश आ रहा है। लेकिन इसमें नाकामयाब बताया गया है कि, उस निवेश से संबंधित रोजगार को किस जिले में सरकार को बताना चाहिए। विपक्षी नेता ने आरोप लगाया कि, ''ग्लैबल इन्वेस्टर्स कमेटी'' के लिए पिछले साल के बजट में 65 करोड़ रुपये का प्राविधान रखा गया था। सरकार ने इस सालवत का आयोजन किया और देश-विदेश में साएरा-सपाटा कर उस पैसे की फिजी जुलार्ची की है।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट में केवल केंद्र सरकार द्वारा दी गई सहायता का विस्तृत विवरण दिया गया है। प्रदेश सरकार ने अपनी किसी ऐसी योजना का उल्लेख नहीं किया है जो प्रदेश के विकास में सत्य सिद्ध हो।


     नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, कुल मिलाकर ये बजट दिशा दिखाई देती है। बजट में विकास के मुख्य बिंदु लक्ष्य, संभावना, कार्य प्रगति और गतिमान जैसे शब्द तक सीमित रहे। इसमें आज की समस्याओं का समाधान और भविष्य के किसी भी निर्णय को आगे बढ़ाने का कोई रास्ता नहीं दिखता है।
Uttarakhand budget 2024 news

Uttarakhand budget news