Home योजनाएँ उत्तराखंड सरकार दे रही विधवा महिलाओं को 1000 रूपये, यहां करना होगा...
PMS Group Venture haldwani

उत्तराखंड सरकार दे रही विधवा महिलाओं को 1000 रूपये, यहां करना होगा आवेदन

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में विधवा महिलाओ को आर्थिक मदद कराने के उद्देश्य से उत्तराखंड विधवा पेंशन योजना की शुरुआत की है। इस योजना में प्रदेश सरकार पति की मृत्यु के बाद बेसहारा हो चुकी महिला को आर्थिक सहायता के रूप में पेंशन उपलब्ध कराएगी। जिससे वह अपने आगे का जीवन व्यापन कर सकें। अगर आपके आसपास कोई विधवा महिला है जो इस योजना के बारे में कुछ नहीं जानती। आप इस योजना की जानकारी देकर उनकी मदद कर सकते है।

vidhva painshan

इस पेंशन योजना में लाभार्थी विधवा महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपये की पेंशन के रूप में दे रही है। यहां आपको यह भी बता दें कि पेंशन का भुगतान सरकार हर माह के बजाय 6-6 माह के अंतराल में करती है जो दो किश्तों में लाभार्थी को दी जायेगी। येाजना में पहली किश्त का भुगतान अप्रैल से सितम्बर तक तथा दूसरी किश्त अक्टूबर से मार्च तक सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पंहुचा दी जाएगी।

आइये जानते है विधवा महिला पेंशन योजना की पात्रता-

1. विधवा महिला की उम्र 18 वर्ष से 60 वर्ष होनी चाहिये।

2. लाभार्थी बीपीएल श्रेणी का हो अथवा उसकी मासिक आय 4000 रूपये तक हो।

3. आवेदक के कोई पुत्र व पौत्र यदि 20 वर्ष से अधिक आयु का न हो।

4. यदि 20 वर्ष से अधिक आयु का पुत्र-पौत्र है। वह गरीबी की रेखा से नीचे जीपन यापन कर रही है तो वह पेंशन की हकदार होगी।

5. बैंक या पोस्‍ट आफिस खाते के माध्‍यम से लाभार्थी को भुगतान किया जायेगा।

इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत-

पति के मृत्यु का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।

यह योजना शहरी और ग्रामीण दोनों जगहों की महिलाओं के लिए है।

योजना के लिए खंड विकास अधिकारी द्वारा बीपीएल प्रमाण पत्र या तहसील द्वारा दिया गया आय प्रमाण पत्र।

आवेदक का वोटर कार्ड और आधार कार्ड हो।

ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक को ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी से आवेदन पत्र वैरिफायर कराना होगा।

शहरी क्षेत्र में उप जिलाधिकारी और सहायक समाज कल्याण अधिकारी के हस्ताक्षर होने अनिवार्य है।

विधवा पेंशन योजना की अधिक जानकारी के लिए आप समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट http://socialwelfare.uk.gov.in/ या फिर समाज कल्याण विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते है।

 

 

 

कोरोना पीड़ित संदिग्ध बोला डॉक्टर साहब मेरी जान बचा लो। देखिये अस्पताल में अंदर फिर क्या हुआ। मॉक ड्रिल अस्पताल की।