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उत्तराखंड- देवभूमि है सबसे बेहतर पर्यटन स्थल, जहां आकर इंसान मिलता है सकून

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देहरादून-न्यूज टुडे नेटवर्क : जब भी भारत में कहीं पर्यटन स्थलों का जिक्र होता हैं तो सबसे पहले उत्तराखंड का नाम आता हैं क्योकि घूमने फिरने के लिए उत्तराखंड बेहतर पर्यटन स्थल हैं। इसलिए तो उत्तराखंड को देव भूमि यानि ईश्वर की धरती के रुप में जाना जाता हैं। यूं तो उत्तराखंड घूमने के लिए सबसे सही प्रदेश हैं पर इसी के साथ धर्म के मामलें में भी उत्तराखंड बेहतर प्रदेश हैं क्योकि हिंदुओं की चारधाम यात्रा इसी राज्य में हैं बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री यहीं पर मौजूद हैं। उत्तरखंड गंगा और यमुना समेत देश की प्रमुख नदियों का उद्गम स्थल भी है इतना ही नहीं यूनेस्को की ओर से कहा गया है कि उत्तराखंड, वैली ऑफ फ्लॉवर (फूलों की घाटी) का भी घर है हैं जो पूरें विश्व में और कहीं नहीं हैं।

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हरिद्वार

सबसे खुबसूरत जगहों में से एक है हर की पौड़ी,इसे हरिद्वार की सबसे पवित्र भूमि होने का दर्जा भी प्राप्त है। यहां की खूबसूरती सचमुच देखने लायक होती है ,यहां की गंगा आरती की तो बात ही अलग है। हर की पौड़ी की शाम की गंगा आरती का नजारा सबसे मनोरम दृश्यों में से एक होता है, हजारों की संख्या में लोग इस आरती का दर्शन करने आते है!

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चंडी देवी मंदिर

विचित्र मंदिरों के नाम से अगर कोई मंदिर जाना जाता है, तो वो है चंडी देवी का मंदिर! इसे 1929 में राजा सुचत सिंह ने बनवाया था। मगर चंडी देवी की मुख्य मूर्ति के बारे में कहा जाता है कि इस मूर्ति कि स्थापना 8वी शताब्दी में गुरु शंकराचार्य ने की थी। इस मंदिर को भारत के सबसे प्राचीन मंदिर होने का दर्जा प्राप्त है,इस मदिर की शोभा कुम्भ मेले के दौरान देखने लायक होती है,उस समय सबसे ज्यादा लोग यहीं पर होते है!

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फूलों की घाटी

फूलों की घाटी भी बहुत मनमोहक स्थान है, यहां पर तरह-तरह की वनस्पतियां पायी जाती है। फूलों की घाटी में वनस्पतियों के अलावा बहुत सारे जीव-जंतु भी पाये जाते है ,काला हिरन,नीली भेड़,हिम तेंदुआ,लाल लोमड़ी यहां पर मुख्य तौर पर देखे जाते है। ये घाटी समुद्र ताल से 3658 मीटर ऊपर बसी हुई है,इस घाटी में जाने का सबसे उपयुत समय जुलाई महीने का होता है।

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केदरनाथ मंदिर

केदरनाथ मंदिर इस राज्य का सबसे प्रख्यात मंदिर है। अगर कोई व्यक्ति उत्तराखंड घूमने के लिए आता है,तो वो इस मंदिर के दर्शन जरूर करता है। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग यहां पर स्थित है। यह मंदिर साल के 6 महीने ही खुला रहता है,यहां हर साल लाखों के संख्या में लोग आते है। इस स्थल पर लाखों योगियों ने तपस्या की हुई है,यह देश की पवित्र भूमियों में से एक भूमि भी है।

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बदरीनाथ मंदिर

बदरीनाथ मंदिर उत्तराखंड की शान के नाम से जाना जाता है। यह भारत की प्रमुख चार धामों में से एक धाम है। यह साल में 6 महीने ही खुला रहता है। हर साल यहां लाखों की संख्या में लोग आते है। इस मंदिर की माता मूर्ति मेले की गूंज दूर -दूर तक है,बद्रीनाथ मंदिर को मुख्यत: विष्णु का तप स्थल भी कहते है। और तो और इस मंदिर का उल्लेख पुराणो मे भी किया गया है।

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गंगोत्री-यमुनोत्री

गंगोत्री धरती का वह स्थान है, जिसे माना जाता है कि गंगा ने सबसे पहले छुआ। देवी गंगा यहां एक नदी के रूप में आई थीं। यमुनोत्री यमुना नदी का स्रोत है और इसके पश्चिम में पवित्र मंदिर है। हरिद्वार गंगा नदी के तट पर स्थित है। यह हिंदुओं का प्राचीन तीर्थस्थल है। ऋषिकेश सभी पवित्र स्थानों के लिए प्रवेश द्वार है।

नीलकंठ महादेव मंदिर

उत्तराखंड में शिव मंदिर के नाम से अगर कोई मंदिर सबसे ज्यादा प्रख्यात है, वो है नीलकंठ महादेव मंदिर!! इसे शिव जी की याद में बनाया गया था.यह मंदिर ऋषिकेश नमक स्थान पर बसा हुआ है।यहां पर महाशिवरात्रि का पर्व दूर-दूर से लोग देखने आते है,यह मंदिर घने गंजलों के बीच बसा हुआ है और यही इसकी खूबसूरती को और बढ़ाती भी है।

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ऋषिकेश

ऋषिकेश में अगर कोई चीज सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है, तो वह है लक्ष्मण झूला। लक्ष्मण झूले के बारे में कहा जाता है कि इसे लक्ष्मण जी ने तब बनाया था जब उन्हे गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे की और जाना था। इस झूले का पुनर्निर्माण 1939 में हुआ। इस झूले पर होते हुए आस- पास का नजारा सबसे खुबसूरत होता है। इस झूले की लम्बाई 450 फीट है। इस झूलते पर चलते समय यह हिलता हुआ भी प्रतीत होता है ।

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हेमकुंड साहिब

सिखों के लिए एक स्थान सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है, और वो स्थान है हेमकुंड। इसे हेमकुंड साहिब के नाम से भी जाना जाता है,यह उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है। इस स्थान को गुरु गोबिंद सिंह जी को समर्पित किया गया है। हेमकुंड साहिब में हर वर्ष भारी बारिश होती है, ऐसा माना जाता है की इस स्थान पर आने पर लोगों को बहुत शांति मिलती है।

पंच प्रयाग

उत्तराखंड का पंच प्रयाग, एक ऐसा स्थल जहां पाँच नदियों का संगम होता है। उत्तराखंड की इस जगह का नजारा वाकई बहुत खुबसूरत है। इस स्थान पर रुद्र प्रयाग,कर्ण प्रयाग,नन्द प्रयाग,विष्णु प्रयाग,देव प्रयाग अलकनंदा से आकर मिलती है। यह स्थान उत्तराखंड में गढ़वाल नमक स्थान पर स्थित है,यहां पर अकसर बहुत सरे साधु संतो को तपस्या करते देखा गया है।

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान

उत्तराखंड में गर्मियों के समय में अगर कोई स्थान घूमने के लिए सबसे उपयुक्त है, तो वो है राजाजी राष्ट्रीय उद्यान। इस उद्यान को वन्यजीवन के दिल होने का भी दर्जा प्राप्त है। इस उद्यान में तरह- तरह के जीव पाये जाते है,यहां पर भारत की कुछ प्रमुख वनस्पतियां भी पायी जाती है और इस उद्यान की नीव सी. राजगोपालाचारी के द्वारा रखी गयी थी।

नैनीताल

नैनीताल को झील के जिले के रूप में जाना जाता है। नैनीताल में कुल चार झीले है। यहां की नैनीताल झील सबसे खुबशुरत है,1841 में इस झील की खोज की गयी थी। यहां पर झील होने के चलते बहुत सारी वनस्पतियों की प्रजातियां यहां पायी जाती है, यहां हर साल लगभग 1294.5 मिलीमीटर बारिश होती है!

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भीमताल झील

भीमताल झील का नजारा भी आज कोई कम खास नही है,यह भीमताल में स्थित है। यह झील कमाऊंनी पहाडिय़ों से घिरा हुआ है, इसलिए भी ये और ज्यादा मनोरम दिखाई पड़ता है। इस झील के बीच में एक द्वीप भी है, इसी झील को उत्तरखंड की सबसे बड़ी झील होने का दर्जा भी प्राप्त है। यह हिमालयन पंछियों के रुकने के लिए सबसे उपयुक्त जगह है।

सात ताल

उत्तराखंड का सात ताल, एक ऐसा स्थान जहां सात जगहों का जल आकर एकत्रित होता है।यह स्थान नैनीताल में स्थित है,इस स्थान पर मुख्यत: प्रवासी पंछियों को देखा जाता है।यहां की खूबसूरती ऐसी है की पुरे साल इस जगह को लोग देखने आते है।साधु,योगियों को भी यह स्थान बहुत पसंद है,इस ताल के आस -पास घने जंगल और देवदार के बहुत सारे पेड़ मौजूद है।

कब जाए घूमने

अगर आप उत्तराखंड घूमने जाना चाहते हैं तो आप गर्मियों के दिनों में जाए क्योकि गर्मियों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है।इसलि ए आप यहां गर्मियों में जाए क्योकि सर्दियों में यहां बहुत ठंड होती हैं। बता दे कि उत्तराखंड में सबसे अधिक बारिश होती हैं। उत्तराखंड में घूमने का सर्वश्रेष्ठ समय मार्च से जून के बीच और सितंबर-अक्टूबर का महीना होता है।