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हल्द्वानी- हरीश रावत की ककड़ी पार्टी में तड़का लगाएंगी देवभूमि की मशरूम गर्ल, जाने Menu में क्या है खास

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हरीश रावत की ककड़ी रायता पार्टी कब, देहरादून में ककड़ी रायता पार्टी के बाद अब उत्तराखंड के पूर्व सीएम हल्द्वानी में ककड़ी रायता पार्टी देने जा रहे है। पहाड़ी उत्पादों के पार्टी कराने के शौकीन हरीश रावत ने इस पार्टी का आमंत्रण अपने फेसबुक और ट्विटर के जरिए दिया। हल्द्वानी में ककड़ी पार्टी 20 अक्टूबर को संकल्प बैंकट हॉल, पीलीकोठी में होनी है।

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बता दें कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत चाहे दिल्ली हो या देहरादून या फिर कोई अन्य राज्य, पहाड़ी उत्पादों की ब्रांडिंग करना कभी नहीं भूलते। यही वजह है कि अपने मुख्यमंत्री काल में भी उन्होंने पहाड़ी उत्पादों और पहाड़ी व्यंजनों का जमकर प्रचार प्रसार किया। जिसकी बदौलत आज देशभर में लोग पहाड़ी उत्पाद जानने पहचानने लगे हैं।

Harish Rawat kakdi raita party haldwani

हरीश रावत की ककड़ी रायता पार्टी कब

हरीश रावत ने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये कहा कि, 20 तारीख को संकल्प बैंकट हॉल, पीलीकोठी चौराहा, कालाढूंगी रोड, हल्द्वानी में आप 3 बजे, ‘‘ककड़ी रायता पार्टी’’ में आमंत्रित हैं। उत्तराखण्ड की ककड़ियों का रायता, रांई व पहाड़ी धनिये और लहसून के बने हुये नमक के साथ बहुत स्वादिस्ट होता है, बहुत जायकेदार रहता है, आप सादर आमंत्रित हैं और हमारी मशरूम क्वीन दिव्या रावत भी अपने एक मशहूर मशरूम की डिश देने को उत्सुक हैं, उन्होंने मेरा निमंत्रण स्वीकार किया है। – “हरीश रावत”

नेताओं को दी नसीहत

‘ककड़ी रायता पार्टी’ के लिए आमंत्रित करते हुए हरीश रावत ने अपने फेसबुक और ट्वीटर पर कहा कि कई साथी मुझसे कहते हैं कि, आप क्यों रोज उत्तराखंण्डी व्यंजन-व्यंजन कहते हो। उन्हें कैसे समझाऊं कि, उत्तराखण्डी व्यंजन हमारा खजाना है और इस खजाने की चॉबी हर घर में हमारी अन्नपूर्णाओं के पास है। जो बेटी, बहु और सास के रूप में, हर घर में विद्यमान हैं।

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दिवाली आ रही है, इसमें लोगों को उत्तराखण्डी व्यंजन खाने व बनाने के लिये और लोगों को अपने अड़ोस-पड़ोस वालों को बुलाकर, परोसने के लिये, मैं सब लोगों से और विशेष तौर पर अपने शहरीय क्षेत्रों में आकर बसे उत्तराखण्डी भाई-बहनों से अनुरोध करना चाहूंगा। उत्तराखण्डी व्यंजन हमारा एक ऐसा खजाना है, यदि हम इसकी कद्र करेंगे, तो गरीबी, बेरोजगारी का समाधान भी इसी खजाने के रास्ते निकलेगा और महिला सशक्तिकरण का रास्ता भी इसी खजाने से निकलेगा।