UP News: ऑनलाइन सिस्‍टम बना मजाक, यूपी में हजारों भवनों के नक्‍शे अटके

UP News: प्रदेश (State) के 29 शहरों (Cities) में नक्शा पास होने की व्यवस्था ऑनलाइन (Online) होने की वजह से कई दिक्‍कतें बढ़ गई हैं। सॉफ्टवेयर (Software) में नक्‍शे जमा न होने की वजह से ये दिक्‍कत आ रही है। इसमें सिर्फ 40% नक्‍शे से ही पास हो पा रहे हैं। सॉफ्टवेयर में बिल्डिंग बाईलाज, शुल्क, हेरिटेज जोन, हाई सिक्योरिटी जोन, ताज कॉरिडोर और प्रमुख नदियों वाले क्षेत्रों का विवरण न होने की वजह से नक्शा पास होने में फंस रहे हैं। लखनऊ में 60% व अन्य शहरों में 90% लोग नक्‍शे जमा नहीं कर पा रहे हैं। ।
ONLINE APPROVEL
बरेली, लखनऊ समेत प्रदेश के 29 शहरों में पिछले साल ऑनलाइन नक्‍शे पास कराने की व्यवस्था लागू की गई थी। इसके लिए ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम भी बनाया गया है। इसे सॉफ्ट टेक कंपनियों (Soft Tech Companies ) ने तैयार किया था। इस सिस्टम (System) पर बहुत ही मुश्किल से ऑनलाइन नक्‍शे जमा हो पा रहे हैं। बरेली में भी ऑनलाइन नक्शे पास नहीं हो रहे हैं।

एलडीए के पूर्व उपाध्यक्ष प्रभु सिंह ने 31 अक्टूबर को शासन व आवास बंधु के निदेशक को पत्र लिखकर नक्शे पास होने में आ रही दिक्कतों के बारे में बताया था। लेकिन अधिकारियों व सॉफ्ट टेक कंपनियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। वर्तमान एलडीए उपाध्यक्ष शिवाकांत द्विवेदी ने भी 30 फरवरी 2020 को प्रमुख सचिव आवास व निदेशक आवास बंधु को इसकी जानकारी दी थी। 1005 नक्‍शे 1 अप्रैल से 31 अगस्त 2019 तक एलडीए में जमा हुए थे, और 360 नक्‍शे सितंबर 2019 से 15 फरवरी तक एलडीए में जमा हुए। सॉफ्टेक कंपनी के अधिकारी का कहना है कि नक्शा पास होने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए हमने हर विकास प्राधिकरण में एक-दो तो कर्मचारी बिठाए हैं।

(कोरोना वायरस)उत्तराखंड के पहले ट्रेनी IFS अफसर जिन्होंने मौत को मात दी, देखिये पूरी कहानी