हल्द्वानी-भगंदर से है परेशान तो डा. एनसी पाण्डेय से जानिये उपचार

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हल्द्वानी-साहस होम्योपैथिक के चिकित्सक डा. एनसी पाण्डेय ने हर बार की तरह इस बार भी अपने यू-ट्यूब पर एक वीडियो डाला है। जिसमें उन्होंने कहा कि भगंदर इसे फिसुला भी कहते हैं। यदि बावसीर बहुत पुराना होने लगे तो यह भगंदर हो जाता है। इसलिए बवासीर को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, यदि समय पर इसका उपचार ना कराया जाये तो कई बार यह कैंसर का रूप भी ले सकता है। यह एक प्रकार से नाड़ी में होने वाला रोग है। जो गुदा और मलासय के पास के भाग में होता है। भगन्दर रोग अधिक कष्टकारी होता है। इस रोग में दोनों गुदे के आसपास दाने निकलकर फूट जाते हैं। जिस कारण रोगी को बहुत कष्ट होता है, ना रोगी ठीक प्रकार से कोई काम कर पाता ना ही आराम कर पाता है।

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डा. एनसी पाण्डेय ने बताा कि गुदा में खुजली, सुई जैसी चुभन, असहाय दर्द, जलन व सूजन आदि लक्षण इसके साथ नाडिय़ों में लाल रंग का झाग निकलना इसके लक्षण है। इन्फेक्शन संक्रमण के कारण बुखार होना और ठंड लगना। कब्ज रहना, गुदामार्ग के पास फोड़े होना, गुदासय का अस्वच्य रहना, बेक्टारिअल इंफेक्शन के कारण, ज्यादा समय तक किसी सख्त या ठंडी जगह पर बैठना। इसके अलावा यह रोग बूढ़े लोगों में गुदा में रक्त प्रवाह के घटने से होता है।

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