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हल्द्वानी-अगर आप भी है टॉन्सिल से परेशान, तो पढिय़े डा. एनसी पाण्डेय के अचूक उपाय

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हल्द्वानी- साहस होम्योपैथिक के चिकित्सक डा.एनएसी पाण्डेय ने अपने यू-ट्यूब चैनल में एक वीडियो शेयर करते हुए शरीर में होने वाले टॉन्सिल के बारे में जानकारी दी। डा.एनएसी पाण्डेय ने बताया कि टॉन्सिल हमारे शरीर में पहले से ही मौजूद होता है, यह लसीका प्रणाली का हिस्सा होते हैं, जो हमारे जीभ के पीछे की भाग से सटा हुआ होता है। यह हमारे गले में जहां पर नाक का छिद्र तथा मुख का छिद्र मिलता है, ठीक वही पर जीभ के पिछले भाग से जुड़ा हुआ स्थित पाया जाता है। टॉन्सिल में होने वाले इन्फेक्शन को टॉन्सिलाइटिस कहते हैं।

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देखा गया है की टॉन्सिल से सामान्य तौर पर कोई परेशानी नहीं होती लेकिन अगर किसी कारण वास इसमें संक्रमण हो जाये या इसमें सुजन आ जाये तो इससे काफी दर्द होता है। दर्द के कारण कभी कभी खाना खाने में एवं मुह को खुलने में पानी पीने में या कोई चीज़ निगलने में काफी तकलीफ होने लगाती हैं। टॉन्सिल के लिए चिकित्सक गर्म पानी का सेवन व गुनगुने पानी से गरारा करने का परामर्श देते हैं।

Dr. NC Pandey

ये है टॉन्सिल के लक्षण

डा.एनएसी पाण्डेय ने बताया कि गले में खरास, सूजन व दर्द महसूस होना, कान के निचले भाग में भी दर्द महसूस होना, दर्द के कारण बुखार महसूस होना, शारीरिक व मानसिक कमजोरी महसूस होना, गर्दन में अकडऩ महसूस होना, सांसों से बदबू आना, बोलने में कठनाई होना, खाने-पीने की चीज़ों को निगलने में कठनाई होना, टॉन्सिल में लाली होना, कई बार देखा गया है कि टॉन्सिल होने के कारण कई बार बच्चे बोलने में भी असमर्थ होते है, ये कुछ लक्षण है जो टॉन्सिल में देखे जाते हैं।

इन कारणों से होता है टॉन्सिल

उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में टॉन्सिल होना, किसी ठंडी चीज़ के सेवन से, किसी वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण से, ज्यादा मसालेदार या मिर्च वाला भोजन के सेवन से, सर्दी जुकाम भी टॉन्सिल का कारण माना गया है। इसके अलावा प्रदूषण, धूल व मिट्टी के कारण, पेट खराब होने के कारण अलावा टॉन्सिल के कई कारण होते हैं।