इस जेल में है एफएम रेडियो सुविधा , कैदी निभा रहे रेडियो जॉकी की भूमिका

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गुड मॉर्निंग साथियों…आज का दिन आपके लिए शुभ हो..सकारात्मक विचारों के साथ दिन की शुरुआत करें..आइए सबसे पहले प्रार्थना और उसके बाद सुनेंगे आपके मनचाहे गीत। ये लाइन किसी रेडियो जॉकी की नहीं बल्कि जल्दी ही हैदराबाद सेंट्रल जेल के किसी बंदी की हो सकती हैं। कैदियों को उनकी रचनात्मकता का पता लगाने में सक्षम बनाने और उन्हें मनोरंजन प्रदान करने के लिए तेलंगाना कारागार विभाग ने राज्य भर की जेलों में एफएम रेडियो सुविधा शुरू की है, जहाँ कैदी रेडियो जॉकी की भूमिका निभाते हैं।

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कैदियों को किया जा रहा प्रशिक्षित


जेल में कैदियों के लिए एक अनोखी सुविधा शुरू की गई है, जिसमें कैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए चलाई गई एक योजना के तहत, जेल विभाग ने यह कार्यक्रम शुरू किया है जिसमें चुनिंदा कैदियों को एफएम रेडियो स्टेशन अंतर्वाणी चलाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। कैदी भी कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं, जो उन्हें अच्छे हास्य में शामिल होने और अवसाद दूर करने में मदद करता है।

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कैदियों में सुधार लाना मुख्य उद्देश्य

कैदी एफएम रेडियो स्टेशनों का संचालन करते हैं, जेल के टाइम टेबल की घोषणाएं करते हैं, साथी कैदियों के लिए देशभक्ति, भक्ति और लोक गीत और संगीत बजाते हैं। महानिदेशक (जेल एवं सुधार सेवाएं) वीके सिंह ने पीटीआई को बताया कि हमारा मुख्य उद्देश्य उनका सुधार और पुनर्वास है। जब वे मुख्यधारा में वापस जाएं, तो वे सज्जन बन कर जाएं।

इसलिए हमने कई पहल की हैं और यह (जेलों में रेडियो स्टेशन) उसी दिशा में की गई एक और पहल है। उन्होंने कहा कि मनोरंजन इस पहल का एक हिस्सा है ताकि वे उदास न हों और आत्महत्या करने के बारे में न सोचें। हम उन्हें अच्छे हंसमुख माहौल में रखना चाहते हैं।

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