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हल्द्वानी- तो इस कारण गौलापार स्टेडियम सरकार के लिए बनता जा रहा बोझ, जल्द होने जा रहा ये काम

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हल्द्वानी- न्यूज टुडे नेटवर्क: देहरादून के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की तरह ही हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी स्पोटर्स कॉम्प्लेक्स को भी निजी हाथों में सौंपने की तैयारी शुरू हो गई है। जल्द ही निर्माता कंपनी द्वारा स्टेडियम खेल विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा। जिसके बाद पीपीपी मोड के तहत टेंडर प्रक्रिया से किसी निजी कंपनी को स्टेडियम की चाबी सौंप दी जाएगी। बता दें कि हल्द्वानी में करीब 170 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे इंदिरा गांधी स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स को भी निजी हाथों में सौंपने के लिए सरकार ने खाका तैयार कर लिया है। आदर्श आचार संहिता के हटने के बाद टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से योग्य निजी कंपनी को स्टेडियम संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जानकारी मुताबिक ये कदम सरकार ने स्टेडियम के रख-रखाव के भारी भरकम खर्च व मानव शक्ति कम होने के कारण उठाने की सोच रही है।

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प्रति माह 10 से 15 लाख खर्चा

प्राप्त जानकारी अनुसार स्टेडियम के रख-रखाव में प्रतिमाह 10 से 15 लाख का खर्च आएगा। जिसकी भरपाई करना सरकार के लिए चुनौती साबित हो रही है। जिसके चलते सरकार इसे अपने स्वामित्व में रखने के बजाय निजी हाथों की योजना बना रही है। बता दें कि हल्द्वानी के इंदिरा गांधी स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में दस हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। जिसको स्टेडियम दौरे के दौरान खेल मंत्री अरविंद पांडेय ने बड़ाकर 15 हजार करने की बात कही थी। लेकिन आलम यह है कि अब स्टेडियम ही निजी हाथों में पहुंचने की फिराख में है। इसके अलावा स्टेडियम के दूसरे छोर पर इंडोर स्पोटर्स कॉम्प्लेक्स भी बना हुआ है। जिसमें स्वीमिंग पूल, बैडमिंटन हॉल, टेबल टेनिस समेत अन्य इंडोर खेलों के हॉल बने हुए हैं। इंडोर स्पोटर्स कॉम्प्लेक्स को भी पीपीपी मोड पर दिया जाएगा।

आचार संहिता के बाद होगी प्रक्रिया शुरू

खेल निदेशक का कहना है कि शासन स्तर पर स्टेडियम को पीपीपी मोड पर देने की बात उठी थी। आचार संहिता के बाद स्टेडियम को पीपीपी मोड पर देने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।