यह लडक़ी (काजल)आंखों पर पट्टी बांधकर कर पढ़ती है अखबार और रामायाण, आंख में पट्टी बांध चलाती है साइकिल

कानपुर-न्यूज टुडे नेटवर्क : जो काम इंसान खुली आंखों से न कर पाए वो काम एक 13  साल की लड़की आंखों पर पट्टी बांधकर आसानी से करते हुए सभी को आश्चर्यचकित कर देती है। कक्षा 9 में पढऩे वाली लडक़ी इन दिनों पूरे कानपुर में चर्चा का विषय बनी हुई है। जो भी उसके बारे में सुनता है वह हैरान रह जाता है। लोग जो खुली आंखों से करते है, यह नन्ही लडक़ी बंद आंखों से कर लेती है। यह लडक़ी आंख पर पट्टी बांधकर कोई भी किताब, अखबार पड़ लेती है। इतना ही नहीं काजल आंख पर पट्टी बांध कर न सिर्फ साइकिल चलाती है बल्कि किसी भी नोट पर लिखा नंबर भी बता देती है।

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नोट का सीरियल नंबर की भी है पहचान

यह असाधारण लडक़ी जिले के बिधनू ब्लाक के काकोरी गांव की रहने वाली है। जब काजल से रामायण पढने के लिए कहा गया। काजल अक्षरों के ऊपर अंगुली रख कर धारा प्रवाह रामायण पढने लगी। इसके बाद रामायण के कई पन्ने पलट दिए गए। तो वह रामायण में लिखी चौपाई बड़ी ही आसानी से पढ़ती चली जा रही थी। इसके बाद काजल को सौ का नोट दिया गया। तो उसने बता दिया कि यह सौ का नोट है और इसका सीरियल नंबर यह है। इसी तरह से उसे 5 सौ का,10 का और 20 का नोट दिया गया। उसने सभी नोटों का सीरियल नंबर चुटकियो में बता दिया।

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आंख में पट्टी बांध चलाती है साईकिल

काजल ने आंख में पट्टी बांध कर साईकिल चलाना शुरू किया तो उसके रास्ते में कई, जानवर और बाइक खड़े थे, लेकिन उसने इतनी सफाई से साइकिल निकाली जैसे वह खुली आंखों से साइकिल चला रही हो। इसके बाद काजल ने यह भी बताया कि मेरी दाये साइड में लेडिज खड़ी है और मेरी बाय साइड में जेंट्स। इसके बाद काजल के हाथ में एक पेन स्पर्श करा कर छिपा दिया गया। काजल उस पेन चंद मिनटों में ढूंड निकाला। यह देख कर सभी हैरान रह गए।

काजल सोलवानी का क्या है कहना

आंख में पट्टी बांध कर लोगों की खुशबू से यह बता दूंगी की यह महिला है या फिर पुरुष। स्पर्श करके कोई भी किताब दे दो मैं पढ़ लूंगी, जैसा मुझे आंख खोलने पर दिखता है वैसा ही बंद करने पर भी। उसने बताया कि लगभग तीन साल पहले मैं पड़ रही थी। पढ़ते-पढ़ते मैंने आंख बंद की तो मुझे वहीं किताब बंद आंखों में भी नजर आ रही थी। मैं चौक गई यह बात मैंने अपने मामा को बताया, लेकिन किसी ने भी यकीन नही किया। लेकिन जब मैंने उन्हें प्रक्टिकल कर के दिखाया तब सभी यकीन हुआ।