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रमजान और रोजे से जुड़ी ये खास बातें, ऐसा करने से मिलता है मिलता है 70 गुना पुण्य

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : रमजान के महीने को इबादत का महीना कहा जाता है। इस दौरान बंदगी करने वाले हर सख्श की ख्वाहिश अल्लाह पूरी करता है। रमजान का महीना केवल इबादत करने के लिए ही नहीं बल्कि अपनी बुरी आदतों पर काबू करने के लिए भी पाक होता है। रोजा तो बहुत-से लोग रखते हैं, लेकिन इससे जुड़े नियमों का पालन करने के बारे में कम ही लोगों को जानकारी होती है। यहां जानिए, रोजे से जुड़े जरूरी नियम…

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रोजा खोलने से पहले पाप है यह

रमजान के महीने में जब तक रोजा इफ्तार नहीं किया जाता तब तक खाने की बात करना तो दूर इस बारे में सोचना भी नहीं चाहिए।

त्याग का महीना है रमजान

वैसे तो बुरी आदतों से हमेशा ही दूर रहना चाहिए लेकिन इस पाक महीने में बुरी आदतों और लत से दूर रहने की सख्त हिदायत है। ऐसा करने पर टूटा हुआ माना जाता है रोजाअगर ऐसा हुआ तो 6 को होगा रमजान का पहला रोजा

क्या आप जानते हैं कि रोजे के दौरान अगर कोई शख्स झूठ बोलता है, पीठ पीछे किसी की बुराई करता है या किसी की झूठी कसम खाता है तो उसका रोजा टूटा हुआ माना जाता है? जी हां, ऐसा ही है।

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बुरी चीजों से रहना होता है दूर

रमजान मन को साधने का महीना होता है। इसीलिए सख्त नियमों के द्वारा रोजेदार को हर बुरी चीज से दूर रहना होता है।

दान-पुण्य का पाक महीना

दान और पुण्य का महीना होता है रमजान। इस दौरान गरीबों की यथासंभव मदद करनी चाहिए। जरूरतमंदों को उनकी जरूरत का सामान देकर सवाब कमाया जाता है।

मिलता है 70 गुना पुण्य

धार्मिक आस्था है कि रमजान के महीने में जो भी नेक कार्य किए जाते हैं, उनका 70 गुना पुण्य मिलता है।

मांगे गुनाहों की माफी

पूरे साल में आपसे जाने-अनजाने जो भी गुनाह हुए हैं उनके लिए इस महीने में माफी मांगी जाती है और आगे की बेहतर जिंदगी के लिए दुआ की जाती है।

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धूम-धाम से मनाया जाता है: रमज़ान भारत समेत दुनिया भर में रमज़ान के महीने की धूम देखी जाती है। अगर भारत की बात करें तो यहां कश्‍मीर से लेकर कन्‍याकुमारी तक हर जगह रमज़ान के महीने में बाजारों में रौनक बनी रहती है। खास तौर से पुरानी दिल्‍ली, हैदराबाद और लखनऊ में रमज़ान के महीने में रात के वक्‍त भी बाजार गुलज़ार रहते हैं। एक से एक बेहतरीन पकवान और रोज़ा इफ्तार के वक्‍त मेल-मिलाप का अनोखा संगम देखने को मिलता है। खास बात यह है कि कई शहरों में रमज़ान के मौके पर तमाम हिन्‍दू अपने मुस्लिम भाईयों के लिये इफ्तार पार्टी का आयोजन भी करते हैं।