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ताउम्र जवान रहती हैं यहां की महिलाए, 150 साल तक जीवित रहती हैं यहां की महिलाएं…, वजह है कुछ खास

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : आज को दौर में अगर कोई शख्स 55-60 साल का हो जाए तो उसे बूढ़ा मानने लगते हैं। लेकिन दुनिया की एक ऐसी जगह भी है, जहां की औरतें 70 और 80 साल की उम्र में भी 20 और 25 साल की खूबसूरत लडक़ी लगती है। यह कोई मजाक नहीं है। दुनिया में सच में एक ऐसी जगह है जहां की बूढ़ी औरतें 25 से 30 साल की जवान और खूबसूरत लड़कियों की तरह नजर आती है। यहां रहने वाली महिलाएं 65 वर्ष की उम्र में भी गर्भवती हो सकती हैं। तो चलिए आज हम आपको भारत की उस जगह के बारे में बताते है।

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कश्मीर की हुन्जा घाटी में पायी जाती है यह जनजाति

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की पहाडिय़ों में हुन्जा घाटी में यह जनजाति पाई जाती है। यह हुन्जा घाटी भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा के बीच पड़ता है। इस जनजाति की सबसे खास बात यह है कि यहां के लोग सबसे खूबसूरत और जवान दिखते है खासकर यहां की औरतें जो 65 और 70 साल की उम्र में भी जवान रहती है। और सबसे बड़ी बात इस उम्र में भी ये महिलाएं बच्चे को जन्म दे सकती है।

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हुन्जा गांव हिमालय की पर्वत माला पर स्थित है। इस गांव को दुनिया की छत के नाम से भी जाना जाता है। यह भारत के उत्तरी छोर पर स्थित है जहां पर से आने पर भारत,पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान की सीमाएं भी मिलती है। इस जनजाति की जनसंख्या करीब 87000 है। यह जनजाति और इनकी जीवन शैली बहुत साल पुरानी है।

पुरुष 90 साल की उम्र में बन सकते हैं पिता

लगता है दुनिया की इस जगह पर आने के लिए बुढ़ापा भी अपना रास्ता ही भूल गया है। पाक अधिकृत कश्मीर में गिलगित-बाल्टिस्तान के पहाड़ों के बीच बसे गांव में हुंजा जनजाति के लोग रहते हैं। इनकी औसत उम्र 110 से 130 वर्ष की होती है। कुछ लोग तो 150 साल तक जीते हैं। यहां रहने वाले लोग 70 वर्ष की उम्र में भी 20 वर्ष के नौजवान जैसे दिखते हैं। वहीं पुरुष 90 साल की उम्र में भी पिता बन सकते हैं। इनकी एक और खास बात यह है कि यहां के लोग बहुत कम बीमार होते है। यहां के लोग गोरे, हंसमुख और जवान होते है। प्रतिदिन करीब 15 से 20 किलोमीटर तक तो यह लोग पैदल ही चल लेते है।

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लंबी उम्र का मुख्य कारण सेहतमंद जीवनशैली

यहां रहने वाले लोग वही खाना खाते हैं जो स्वयं उगाते हैं। हुंजा जनजाति के लोग खुबानी और धूप में सुखाए अखरोट खूब खाते हैं। अनाज में ये जौं, बाजरा और कुट्टु खाते हैं। ये केवल दो समय का खाना खाते हैं। बताया जाता है कि हुंजा जनजाति के लोग सिकंदर के अग्रज हैं। दुनिया जीतने निकला सिंकदर जब भारत फतह करने पहुंचा तो उसके साथ आए कुछ लोग यही रह गए। ये अपने समुदाय में ही शादी करते हैं।