उत्तराखंड का सबसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मसूरी, देखिए इस शहर की अद्भुत सुन्दरता

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मसूरी उत्तराखंड के सबसे पॉपुलर रोमांटिक पर्यटक स्थलों में से एक है। जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण जाना जाता है। इसें अपनी सुन्दरता के कारण पर्वतों की रानी भी कहा जाता है। यह शहर समुद्र तल से मसूरी 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और देहरादून से 35 किमी दूर है। मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता इसे हनीमून के लिए एक बहुत लोकप्रिय प्लेस बनाती है। यदि आप हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों के साथ हरे भरे ढलानों के खूबसूरत नजारों का आनंद लेना चाहते हैं तो मसूरी जाना सबसे अच्छा विकल्प है।

उत्तराखंड पर्यटक स्थल मसूरी
मसूरी शहर की सुन्दरता

यह खूबसूरत हिल स्टेशन ब्रिटिश काल के दौरान एक बहुत लोकप्रिय अवकाश स्थल था। यहां पर फैले ब्रिटिश अवशेषों को देखकर ब्रिटिश काल की वास्तुकला का अनुमान लगाया जा सकता है। मसूरी शिवालिक पर्वत और दून घाटी के अद्भुत दृश्य प्रदान करने के लिए प्रसिद्ध है। इसे यमुनोत्री और गंगोत्री के धार्मिक केंद्रों के प्रवेश द्वार के रूप में भी जाना जाता है। अगर आप भी खूबसूरत पहाड़ियों के साथ प्रकृति का आनंद लेना चाहते हैं तो आज का हमारा मसूरी यात्रा पर लिखा आर्टिकल आपकी यात्रा को और रोमाचंक व आसान बना देगा। तो चलिए करते हैं। मसूरी पर्यटक स्थल दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी खूबियों और विशेषताओं के लिए अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रहा हैं। मसूरी शहर पूरे वर्ष एक शांत और सुखद जलवायु का अनुभव कराता है। और यह भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक पर्वतीय नगर है। जिसे पर्वतों की रानी भी कहा जाता है। देहरादून से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मसूरी उन स्थानों में से एक है जहां लोग बार-बार आते जाते हैं। घूमने-फिरने के लिए जाने वाली प्रमुख जगहों में यह एक है। यह पर्वतीय पर्यटन स्थल हिमालय पर्वतमाला के मध्य हिमालय श्रेणी में पड़ता है। निकटवर्ती लैंढ़ौर कस्बा भी बार्लोगंज और झाड़ीपानी सहित वृहत या ग्रेटर मसूरी में आता है। उत्तर-पूर्व में हिम मंडित शिखर सिर उठाये दृष्टिगोचर होते हैं। तो दक्षिण में दून घाटी और शिवालिक श्रेणी दिखती है। इसी कारण यह शहर पर्यटकों के लिये परीमहल जैसा प्रतीत होता है। मसूरी गंगोत्री का प्रवेश द्वार भी है। देहरादून में पायी जाने वाली वनस्पति और जीव.जंतु इसके आकर्षण को और भी बढ़ा देते हैं। दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए यह लोकप्रिय ग्रीष्मकालीन पर्यटन स्थल है। मसूरी हिमालय की शिवालिक श्रेणी के मध्य समुद्रतल से 6600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस हिल स्टेशन की खोज का श्रेय ब्रिटिश अधिकारी कप्तान यंग को जाता है। जिन्होंने उत्तराखंड के इस पर्वतीय स्थल की खोज वर्ष 1825 में की थी।

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