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मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब वाहनों की खरीद पर नहीं देनी होगी रजिस्ट्रेशन फीस

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नई दिल्ली- केंद्र की मोदी सरकार ने ई-व्हीकल को बढ़ावा देते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। इसके बाद इलेक्ट्रिक व्हीकल electric vehicle खरीदने की राह आसान हो गई है। मोदी सरकार के फैसले के मुताबिक यदि आप इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदते हैं, तो आपको रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी होगी। प्रदूषण नहीं फैलाने वाले वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल की रजिस्ट्रेशन फीस को माफ करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसलिए बैटरी ऑपरेटेड वाहनों पर रजिस्ट्रेशन फीस को खत्म कर दिया है। ऐसे वाहनों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क हटाने को लेकर सडक़ परिवहन मंत्रालय ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

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टॉप एजेंडे में देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना

नए नियम के अनुसार सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक व्हीकल electric vehicleजेसे दो पहिया, थ्री व्हीलर या फिर चार पहिया इलेक्ट्रिक या बैटरी ऑपरेटेड वाहनों की खरीद पर अब रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी होगी। मोदी सरकार मेक-इन-इंडिया को लेकर गंभीर नजर आ रही है। इसी के चलते सरकार के टॉप एजेंडे में देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ाना देना है, इसलिए सरकार ने ई-व्हीकल को लेकर बड़े लक्ष्य भी तय किए हैं। सरकार ने तय किया है कि देश में 2023 तक थ्री व्हीलर और 2025 तक दो पहिया वाहनों की बिक्री ई -व्हीकल की ही करना चाहती है।

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इधर, पीएमओ ने अपनी ओर से सुझाव दिया था कि देश में सभी इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर पर नंबर प्लेट को अनिवार्य किया जाए। सडक़ परिवहन मंत्रालय ने ई-व्हीकल थ्री व्हीलर के नंबर प्लेट को हरे और सफेद रंग के होने को लेकर आदेश जारी किया था।

इसलिए लिया फैसला

दरअसल, सरकार 2030 से केवल electric vehicle इलेक्ट्रिक व्हीकल की बिक्री की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए सरकार की ओर से मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक वाहनों के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही हैं। इसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने वालों को सब्सिडी देने की योजना भी शामिल है। अब इलेक्ट्रिक व्हीकल के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल के लिए सरकार ने रजिस्ट्रेशन फीस में छूट देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव पर सरकार ने सभी हितधारकों से एक माह में सुझाव मांगे हैं। इन सुझावों के आने के बाद ही मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की विभिन्न सेक्शन के तहत केंद्र सरकार इसमें संशोधन करेगी।