iimt haldwani

हल्द्वानी में भी दिखा नये मोटर वाहन अधिनियम का असर, इन रूटों पर नहीं दौड़ेंगी टैक्सी

444

हल्द्वानी न्यूज- देशभर में लागू होने जा रहे नये मोटर वाहन अधिनियम ने सबकी नींद उड़ा कर रख दी है। फिर चाहे वो आम जनता हो या यातायात कारोबार से जुड़े व्यापारी हर कोई इस अधिनियम की जुर्माना राशि को पचाने में असमर्थ है। केंद्र सरकार के फैसले के विरुद्ध उत्तराखंड में लगभग डेढ़ लाख निजी वाहन संचालक हड़ताल पर चले गए है। आलम यह है कि प्रदेश के अधिकांश शहरों पर न तो सिटी और निजी बसें चल रही है और न ही टैक्सी-मैक्सी, विक्रम, ऑटो, ट्रक व स्कूल वैन का संचालन हो रहा। एक दिन की इस हड़ताल से पूरे प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई।

drishti haldwani

taxi strike in haldwani

राज्य सरकार से जुर्माना दरें न बढ़ाने की मांग

उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने राज्य सरकार से जुर्माना दरें न बढ़ाने की मांग की है। महासंघ ने इस बात पर एतराज जताया है कि सरकार की ओर से ट्रांसपोर्टरों से हड़ताल के संबंध में कोई बातचीत करने के कोई प्रयास नहीं किए गए। नए मोटर वाहन अधिनियम में परिवहन व यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कड़े नियम-जुर्माने को लेकर उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने आज के लिए प्रदेश में सार्वजनिक वाहनों के चक्का-जाम का एलान कर रखा है। महासंघ ने आज होने जा रही राज्य कैबिनेट की बैठक में जुर्माना नहीं बढ़ाने का प्रस्ताव लाने की मांग की है।

हल्द्वानी में टैक्सी चालकों की हड़ताल

वही हल्द्वानी में भी आज सभी टैक्सियों के पहियें जाम है। नये मोटर वाहन अधिनियम लागू न करने की मांग को लेकर सभी टैक्सी स्वामी हड़ताल पर है। टैक्सी चालकों की माने तो मंदी के इस दौर में पहले से ही कमाई कम खर्चे ज्यादा है। जिसके बाद अब इस तरह के जुर्मानें लगने से तो उनकी रोटी पर बन आएंगी। वही उन्होंने इस नये मोटर वाहन ऐक्ट के जरिए सरकार पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। साथ ही सरकार से इस एक्ट को लागू न करने की मांग की है। बता दें कि कुमाऊं के मुख्य द्वार हल्द्वानी से अधिक्तर पहाड़ी क्षेत्रों जैसे पिथौरागढ़, नैनीताल, मुक्तेश्वर, बागेश्वर आदी के लिए टैक्सी संचालित होती है, लेकिन टैक्सी की हड़ताल के चलते सवारियों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ेगी।