जेल में सजा काट रहे कैदियों के लिए सरकार ने इस बात पर दी मंजूरी, जाने क्या है पूरा मामला

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अब कारागारों में बंदियों को पैरोल पर बाहर आने के लिए मंडलायुक्त के माध्यम से सरकार तक जाने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब बंदियों के आवेदन पर सीधे सरकार के स्तर से ही दो माह का पैरोल मंजूर किया जा सकेगा। एक कैलेंडर वर्ष में सरकार दो बार दो-दो माह का पैरोल दे सकती है। राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को उत्तराखंड दंडादेश निलंबन नियमावली में दो संशोधन पर मुहर लगाई। पहले बंदियों को 15 दिन की पैरोल मंडलायुक्त मंजूर करते थे और इसके बाद अधिक दिनों यानी कुल दो माह तक पैरोल के लिए आवेदन को सरकार मंजूरी देती थी। अब संशोधन के बाद सरकार सीधे अपने स्तर से ही बंदियों को दो माह तक पैरोल दे सकती है। साथ ही आवश्यकता पडऩे पर अपरिहार्य परिस्थितियों में पैरोल को एक कैलेंडर वर्ष में दूसरी बार भी दिया जा सकेगा। इससे बंदियों को लाभ मिल गया है, साथ ही उन्हें बार-बार पैरोल मांगने से राहत दी गई है।

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लेखा परीक्षा में अब 174 पद

मंत्रिमंडल ने लेखा परीक्षा विभाग के लिए एकीकृत नियमावली को मंजूरी दी। उत्तराखंड सहकारी समितियां एवं पंचायतें लेखा परीक्षा विभाग और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग दोनों का एकीकरण किया गया है। उत्तराखंड सहकारी समितियां एवं पंचायतें लेखा परीक्षा विभाग में कुल 342 पद और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग में कुल 140 पद स्वीकृत थे। एकीकरण के बाद 174 पदों को मंजूरी मिली है। इसमें निदेशक का एक पद, अपर निदेशक के दो, संयुक्त निदेशक के चार, उपनिदेशक के छह, सहायक निदेशक-लेखा परीक्षा अधिकारी के 28, सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी के 33, वरिष्ठ लेखा परीक्षक के 40, लेखा परीक्षक के 60 पद स्वीकृत किए गए हैं।

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