पौड़ी-जिंदगी की जंग हारी जिंदा जलाई गई छात्रा, मनचले ने दिया था घटना को अंजाम

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पौड़ी-न्यूज टुडे नेटवर्क- जिले के कफोलस्यू पट्टी के एक गांव की छात्रा को जिंदा जलाए जाने के मामले में पीडि़त छात्रा ने दिल्‍ली के सफदरजंग अस्‍पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। छात्रा की मौत से पट्टी सहित मुख्यालय में शोक की लहर है। छात्रा सात दिन तक जूझने के बाद जिंदगी की जंग हार गई। मृतक छात्रा के परिजनों ने बताया कि मौत करीब 11 बजे हुई। गौरतबल है कि गत रविवार को छात्रा परीक्षा देकर लौट रही थी, उसी समय रास्ते में गहड़ गांव का मनोज सिंह उर्फ बंटी उसका पीछा करने लगा। कुछ देर बाद एक सुनसान जगह कच्चे रास्ते पर उसने छात्रा को जबरन रोककर उससे जबरदस्ती करनी शुरू कर दी। छात्रा के विरोध करने पर आरोपी ने उसके ऊपर पेट्रोल छिडक़कर आग लगा दी और मौके से फरार हो गया। कुछ देर बाद मौके से गुजर रहे एक ग्रामीण ने छात्रा को जली हुई हालत में रास्ते में पड़ा देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी।

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आज दिल्ली में तोड़ा दम

इस सुनसान इलाका होने के चलते छात्रा की चीख-पुकार सुनकर किसी ने नहीं सुनी। इसी दरम्यान वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण ने पौड़ी कोतवाली पुलिस को सडक़ किनारे एक छात्रा के झुलसी अवस्था में पड़े होने की सूचना दी। आपातकालीन सेवा 108 की मदद से छात्रा को जिला चिकित्सालय पौड़ी लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे श्रीनगर मेडि कल जिला अस्पताल में उसका उपचार करने वाले डा. बीपी मौर्य और डा. पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि छात्रा का शरीर लगभग 70 प्रतिशत झुलसा हुआ है। यहां से छात्रा को ऋषिकेश एम्‍स रेफर किया गया। एम्स ऋषिकेश में 25 चिकित्सकों का दल छात्रा का उपचार कर रहा था। 18 दिसंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एम्‍स ऋषिकेश पहुंचकर छात्रा का हाल जाना था। 19 दिसंबर सुबह छात्रा को एयर एंबुलेंस से सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया। रविवार सुबह छात्रा ने उपचार के दौरान अस्‍पताल में दम तोड़ दिया।

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