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हल्द्वानी-इस महिला की बातें सुन आश्चर्यचकित हुए सुमित, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश से बताया ये बड़ा रिश्ता

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हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क- कांग्रेस मेयर प्रत्याशी सुमित हृदयेश इन दिनों जगह-जगह जनसंपर्क अभियान कर रहे है। जनसंपर्क के दौरान कई रोचक तथ्य सामने आ रहे है। ऐसा ही एक वाक्या शीशमहल क्षेत्र के गायत्री नगर में सामने आया। जब सुमित हृदयेश ने महिला से वोट करने की अपील की तो महिला बोली कि मैं आपकी माता जी इंदिरा हृदयेश की शिष्या रही हू, उन्होंने मुझे पढ़ाया है। महिला बोली सन 1970-72 में उन्होंने मुझे 10वी और12वीं तक पढ़ाया हैं। आज हम अपने गुरू के मार्गदर्शन से आगे बढ़े है। किस तरह क्षेत्र का विकास होता है और कैसे किया जाता है यह उन्होंने हमें 50 साल पहले सिखाया था। उसके बाद जब वह राजनीति में आयी तो उन्होंने विकास के सपने को साकार कर दिखाया। इंदिरा जी हमारी प्राधानाचार्य थी। जिसके बाद उन्होंने सुमित को समर्थन देने की बात कही।

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देखियें वीडियो-https://www.youtube.com/watch?v=b0ORDFdIQL4

गेट से नाराज दिखी महिला

शीशमहल में भ्रमण के दौरान महिला सिंचाई विभाग की गुल के बराबर में गेट लगाने से नाराज दिखी।उन्होंने सुमित को समर्थन देने की बात कही और नेता प्रतिपक्ष के विकास कार्यों का व्याख्यान भी किया। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश द्वारा 50 साल पहले पढ़ाये गये शिष्यों की शिक्षा का असर सुमित को भ्रमण के दौरान देखने को मिल रहा है। जिसे सुनकर सुमित भी गदगद हो उठे। इससे साफ होता है कि उनकी माता के विकास कार्यों और पढ़ाये गये शिष्यों का भी फायदा सुमित हृदयेश को मिल रहा है। गुरू-शिष्य का यह रिश्ता सुनकर सुमित हृदयेश ने उन्हें प्रणाम कर उनका मैसेज अपनी माताजी तक पहुंचाने की बात कही।

विपक्ष भी देता रहा इंदिरा के विकास को समर्थन

बता दें कि ललित आर्य कन्या इंटर कॉलेज के उद्धार के लिए नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कई विपक्षी नेताओं से धनराशि का प्रस्ताव भेजा। जिसकों विपक्ष ने भी सहज स्वीकार कर लिया इसके बादइंदिरा हृदयेश 1974 में पहली बार जनप्रतिनिधि बनी। फिर शुरू हुआ विकास का एक दौर। इस स्कूल के विकास के लिए इंदिरा हृदयेश ने पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद भगत सिंह कोश्यारी और वर्तमान वित्तमंत्री प्रकाश पंत से भी पैसे मांगे। उन्होंने कहा कि इस स्कूल में कॉमर्स ब्लॉक और साइंस ब्लॉक बनाने के लिए 25 लाख रुपये की आवश्यकता है। जिसे पूरा करने का उन्होंने वादा किया। अपनी माता नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के विकास कार्योँ का फायदा कही न कही सुमित को मिल रहा है।