iimt haldwani

एक ऐसे राष्ट्रपति जो उम्र भर बीवी से पिटते रहे, पिटने के डर से ऑफिस में ही सो जाते थे……

218

नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन को अधिकांश लोग उनकी दयालुता, गरीबी से उठकर राष्ट्रपति बनने तक के संघर्ष और दास प्रथा से मुक्ति दिलाने वाले नायक के रूप में जानते हैं। लिंकन के बारे में ज्यादातर लोगों का ज्ञान यहीं तक होता है कि वे कड़ाके की सर्दी में लकड़ी के फट्टों से बने एक झोपड़े में पैदा हुए थे, मीलों चलकर पढऩे के लिए किताबें उधार लेकर आते थे और रात में अंगीठी की या लुहार की दुकान में जल रही भट्टी की रोशनी में बैठकर पड़ते थे। उन्होंने सुअर काटने से लेकर लकड़हारे तक का काम किया, खेतों में मजदूरी की, अपने शहर के सबसे ईमानदार वकील कहलाए, जज डगलस से यादगार बहस की और उसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति बने. यही वे बातें हैं जो लोग अब्राहिम लिंकन के बारे में जानते हैं।

amarpali haldwani

linkan3

फावड़ा चलाने से लेकर क्या काम नहीं किया

वह उधार से किताबें पढऩे के लिए खेतों पर फावड़ा चलाते थे. अदालत में वकीलों की बहस सुनने के लिए 15-20 मील पैदल चलकर जाया करते थे। उन्होंने न जाने कितने ही छोटे-मोटे काम किए। मजदूरों और किसानों के बीच जब उन्हें बोलने का मौका मिलने लगा तो उनकी महत्वाकांक्षा जगने लगी। पता चल गया कि उनमें अपनी बातों से दूसरों को प्रभावित करने की क्षमता है।

linkan

लिंकन जब बने अमेरिका के राष्ट्रपति

1860 में जब शिकागो में नवगठित रिपब्लिकन पार्टी ने राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार का चयन किया तो लिंकन के नाम की कोई संभावना ही नहीं थी। एक से मजबूत एक दावेदार थे, घंटों के वादविवाद और गुटबाजी के चलते जब लिंकन के नाम का नामांकन हुआ तो लोग हैरान रह गए। कोई उन्हें नहीं जानता था। उनके नाम पर आमतौर पर यही प्रतिक्रिया होती थी कि रिपब्लिकन खुद अपनी कब्र खुदवाना चाहते हैं, लेकिन लिंकन की बातें जनता के दिलों तक पहुंच रही थीं। जनता को प्रभावित कर रही थीं। वह भाषणों में कहते थे, ‘अगर दासता गलत नहीं है तो कुछ भी गलत नहीं है’। वह चुनाव जीते और राष्ट्रपति बने। अब्राहम लिंकन अमेरिका के सबसे सफल राष्ट्रपतियों में गिने जाते हैं।

लिंकन का कलहपूर्ण दांपत्य जीवन

अब्राहम लिंकन अमेरिका के सबसे सफल राष्ट्रपतियों में गिने जाते हैं, लेकिन उनका दांपत्य जीवन खासा कलहपूर्ण था। पत्नी से बचने के लिए वह अक्सर अपने ऑफिस में ही सो जाते थे। लिंकन के बारे में उनके जीवनीकारों ने लिखा है कि उन्होंने पूरी जिंदगी खुद को पत्नी से परेशान पाया। लिंकन को जीवन में जितना सम्मान मिला, उनकी पत्नी मैरी टॉड को उतनी ही लालची और खुदगर्ज के रूप में याद किया गया।

4

बेमन हुई थी शादी

लिंकन ने मैरी टाड के साथ बेमन से शादी की थी ये जानते हुए भी कि दोनों एक दूसरे के एकदम उलट हैं। एक बार उनकी सगाई टूट भी गई, लेकिन मैरी आमादा थीं कि वो शादी करेंगी तो उन्हीं से। येन-केन प्रकारेण उन्होंने ऐसा कर भी लिया। किताब ‘लिंकन द अननोन’ में लेखक डेल कारनेगी लिखते हैं कि लिंकन ने जब पहली बार सगाई तोड़ी थी तो उनका यही मानना था कि अगर शादी हुई तो विनाशकारी होगी।

इसे नियति ही कहना चाहिए कि उनकी शादी मैरी से ही हुई, जो विनाशकारी ही रही। मैरी जितनी आक्रमक और कलहपूर्ण थीं। वह उतने ही शांत और साधारण थे। पत्नी से बचने के लिए आमतौर पर घर से दूर रहने की कोशिश करते थे। रातें आफिस में बिताते थे। न जाने कैसे मैरी को ये आत्मविश्वास था कि उनका पति एक दिन जरूर अमेरिका का राष्ट्रपति बनेगा।

उनकी पत्नी सबसे बदनाम शख्सियत बन गईं

अजीब विरोधाभास है कि लिंकन को बाद के बरसों में जितना सराहा गया और सम्मान मिला, उनकी पत्नी को उतनी ही बदनामी. उनके निधन के बाद उन्होंने अपने लिए ज्यादा पैसे की मांग की. बीमारी के नाम पर फर्जी बिल देकर कांग्रेस से पैसे की मांग की. यही नहीं बाद में उन्होंने ये भी कहा कि वह कर्जों में डूब गई हैं, लिहाजा ये अमरिका सरकार की ड्यूटी बनती है कि वो उनको इससे उबारे और उन्हें जीवन गुजारने के लिए पैसा दे. वह राष्ट्रपति भवन से जाते समय वहां से कई कीमती सामान भी उठा ले गईं. मैरी को राष्ट्रपतियों की सबसे लालची और खुदगर्ज पत्नी के रूप में याद किया गया.