हल्द्वानी-अपने सुरों से उत्तराखंडी संस्कृति को संवार रहे इंदर, ऐसे रखा कुमाऊंनी गायकी में कदम

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Haldwani News-उत्तराखंड की संस्कृति को बढ़ाने में उत्तराखंड में एक के बाद एक युवा आगे रहे है। नये गायकों की सूची में अब इंदर आर्या का नाम जुड़ चुका है। इन दिनों उनके गीतों खूब धूम मचाई है। उनके ओ धना गीत को 43 से ऊपर व्यूज मिल चुके है। इससे पहले भी वह कई सुपरहिट गीत दे चुके है। बचपन से संगीत में रूचि रखने वाले इंदर आर्या का सपना वर्ष 2018 में आकर पूरा हुआ। जब उन्होंने अपने पहले गीत की रिकॉडिग की। इसके बाद उन्होंने दर्शकों को एक से बढक़र एक गीतों से खूब थिरकाया। विगत दिनों उन्होंने जागेश्वर महोत्सव और चंडीगढ़ में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दर्शकों को अपनी गायकी से मंत्रमुग्ध कर दिया।

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इंदर आर्या ने बताया कि वह मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के दन्या स्थित बागपाली के रहने वाले है। इन दिनों वह चंडीगढ़ में रहकर होटल इंडस्ट्री में कार्य कर रहे है। अभी तक वह करीब 14 गीत गा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह गायकों में अपना आदर्श नैननाथ रावल को मानते है जबकि गायिकओं में उन्हें आशा नेगी की आवाज खूब भाती है। उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से पहाड़ की खूबसूरती को बंया किया साथ ही फैशन को लेकर अपने गीतों से लोगों को भरपूर मनोरंजन किया। उन्होंने अपने गीत मैं कविता क्या लिखूं से पहाड़ का एक सुंदर वर्णन कर लोगों जागरूक किया। इसके बाद उन्होंने तेरो लहंगा से दर्शकों को दिल जीत लिया। इस गीत को 4 लाख ऊपर व्यूज मिल चुके है। दूसरा गीत तेरो को भी 16 लाख व्यूज मिल चुके है।

इंदर आर्या ने बताया कि हाल ही में उनके चैनल से भावना आर्या और ज्योति आर्या का एक गीत डीजे में नाचुलो लांच हुआ है जिसे लोग खूब पसंद कर रहे है। उन्होंने बताया कि वह अपने गीतों के माध्मय से पहाड़ से हो रहे पलायान और उत्तराखंड की विलुप्त होती संस्कृति को बचाने में लगे है। उनका यह प्रयास जारी रहेगा। शीघ्र अगले महीने नवंबर में उनका नया गीत मेरो लहंगा रिलीज होगा। जो दर्शकों को खूब पसंद आयेगा।

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