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केरल- इतना सब कुछ होने पर भी अपने कार्य में डटी रही ये मीडिया कर्मी, मुख्यमंत्री ने इन्हें ठहराया जिम्मेदार

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केरल- न्यूज टुडे नेटवर्क: केरल के सबरीमाला मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश करने के खिलाफ हिंदू संगठनों के बुलाये गए हड़ताल के दौरान गुरूवार को बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। हड़ताल के दौरान रिपोर्टिंग कर रहे मीडिया कर्मियों पर भी हमले किए गए। इस घटना की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। केरल के अखबार मातृभूमि ने एक महिला कैमरापर्सन की तस्वीर छापी है। शाजिला अब्दुलरहमान नाम की इस कैमरापर्सन पर हड़ताल के दौरान हमले किए गए, इसके बावजूद वो काम पर डटी रही। चेहरे पर उसके दर्द को साफ-साफ देखा जा सकता है।

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इस घटना के बाद अपनी आंसुओं को छुपाने की कोशिश करते हुए शाजिला अब्दुलरहमान ने कहा, ”जब मुझे किसी ने पीछे से मारा मैं हैरान रह गई। ये मेरे प्रोफेशनल करियर का सबसे बुरा अनुभव था।”

जाहिर किया अपना दुख

हड़ताल कवर करने आई शाजिला को आंदोलनकारियों ने गालियां और धमकी दी, लेकिन उनका कैमरा लगातार पूरे घटना को कैद करता रहा। उन्होंने अपना दुख जाहिर करते हुए कहा कि, ” मुझे किसने पीछे से किक मारी ये नहीं पता। मैं दर्द से कराह रही थी। मुझसे कैमरा छीनने की कोशिश की गई, लेकिन मैं मोर्चे पर डटी रही। मेरे गले में थोड़ी चोट आई।”

आरएसएस और बीजेपी को ठहराया जिम्मेदार

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केरल में हिंसक प्रदर्शनों के लिए आरएसएस और बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर ये बीजेपी की पांचवीं हड़ताल है। वहीं, आरएसएस पिछले तीन महीने में सात हड़ताल कर चुका है। इन हड़तालों के नाम पर प्रदेश में हिंसा, दुर्घटनाओं और मौतों का सिलसिला जारी है। यह महिलाओं की एंट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है।”