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हल्द्वानी-यूपी की नामी यूनिवर्सिटी खा गई उत्तराखंड के छात्रों की छात्रवृत्ति, बैंक के साथ मिलकर ऐसे बिछाया था जाल

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हल्द्वानी-आज एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने उत्तराखंड में छात्रवृत्ति घोटाले का खुलासा करते हुए बताया कि इस घोटाले के लिए प्रदेश के 11 जिलों की जांच चल रही थी। कोर्ट के आदेश के बाद घोटाले की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल के निर्देश पर एसआईटी टीम गठित की गई। जिसमें नैनीताल से वर्ष 2011-12 की दशमोत्तर छात्रवृत्ति का विवरण लिया गया।

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टीम ने 150 सरकारी व प्राईवेट इंटर कालेजों में करीब 1800 छात्रों का सत्यापन किया। साथ ही बाहरी राज्यो के 62 शिक्षण संस्थानों की जांच भी की गई। जिन्हे जिला समाज कल्याण विभाग नैनीताल कार्यालय से छात्रवृत्ति दी गई थी। इस दौरान जांच में सामने आया कि यूपी के हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी का ेजिला समाज कल्याण विभाग नैनीताल कार्यालय से 28 छात्रों को 2063900 रुपये के चैक दिये गये।

जांच मेें पता चला कि जिन्हे यह छात्रवृत्ति मिली थी वह उस संस्थान से न ही शिक्षण ग्रहण करेें थे न ही कोई छात्रवृत्ति लिये थे। यहां एक नई बात सामने आयी कि कुछ छात्रों ने दो लडक़ों का मोनाड यूनिवर्सिटी की ओर से वर्ष 2014 में डिग्री व छात्रवृत्ति दिलाने के नाम पर झूठा आश्वसन देकर कागज लिये थे। लेकिन बाद में उन्हें कुछ भी न मिला। मोनाड यूनिवर्सिटी के उप निबन्धक व उसके द्वारा भेजे गये कुछ बिचौलियों के माध्यम से नैनीताल जिले के छात्रों को खासकर रामनगर, कालाढूंगी, लामाचौड़, दमुअवाढूंगा क्षेत्रों से डाटा लिया गया। और शिक्षाग्रहण दर्शाते हुए कुल 28 छात्रों की छात्रवृत्ति प्राप्त कर ली। जबकि छात्रों ने न वहां से शिक्षा ग्रहण की न ही वहां के किसी बैंक में खाता है। इस प्रकार वर्ष 2014-15 में उप निबन्धक मोनाड यूनिवर्सिटी हापुड व उसके बिचौलियों तथा अन्य के द्वार इंडियन ओवरसीज बैंक  हापुड़ के कर्मचारियों के साथ आपराधिक षडयंत्र के तहत अवैध तरीके से सरकारी धन निकाला गया। इस संबंध में कार्यवाही की जा रही है।