राहुल गांधी पर चल रही शनि की महादशा, 2024 में राजनीति से लेने जा रहे सन्यास !

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नई दिल्ली-न्यूज टुडे नेटवर्क : देश की राजनीति में क्या उथल-पुथल होगी, अगले चुनाव में कौन प्रधानमंत्री बनेगा या वर्तमान प्रधानमंत्री का पद छिन जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की कुंडली बताती है कि वे दमदार नेतृत्व के साथ उभरेंगे, लेकिन कुछ कमियों से वे पीछे रह सकते हैं।

राहुल गांधी की कुंडली व उनका राजनीतिक भविष्य

देश की सबसे बड़ी और सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस आज हाशिए पर सिमटी हुई है। जिसका प्रमुख कारण राहुल गांधी को माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य का कहना है कि राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दोनों ही वृश्चिक राशि के जातक हैं। राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को सुबह 6.00 बजे दिल्ली में हुआ था। मिथुन लग्र और धनु राशि के जातक हैं राहुल गांधी का जन्म नक्षत्र ज्येष्ठा नक्षत्र के चौथे चरण का जन्म है। कुंडली के अनुसार प्रधानमंत्री के घर में जन्म लेने के कारण जातक को समाज में प्रसिद्धि तो मिलगी पर स्वयं का व्यक्तित्व नहीं होगा।

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पिता और विवाह के सुख से वंचित

राहुल गांधी की कुंडली में लग्रेश बुध बारहवें भाव में है, मेष राशि का शनि एकादश भाव में है, दशम भाव का स्वामी बृहस्पति वक्री होकर पंचम भाव में पड़ा हुआ है, कुंडली के तीसरे भाव में केतु वक्री है, भाग्य स्थान में राहु है, द्वितीय भाव मे पंचम भाव का स्वामी शुक्र 9 डिग्री में है, कुंडली के मुताबिक माता के अधिक स्नेही होन के कारण राजनीति में ज्यादा कुछ नहीं कर पाएंगे। लग्र में सूर्य और मंगल की युति है, मंगल सप्तम भाव को देख रहा है, जिसके चलते उनका विवाह नहीं हो सका। एकादश भाव में नीच का शनि पंचम भाव यानी राजनीति के भाव को देख रहा है जिसके चलते उनका बचपन में पिता का सुख नहीं मिल पाया।

ये ग्रह अच्छे वक्ता और अच्छे राजनेता नहीं बनने देते

अगर किसी जातक की कुंडली में बुध शुक्र कमजोर स्थिति में होते हैं तो वह जातक समाज में उच्च पद पर होने के बावजूद भी हंसी का पात्र बनता है। वहीं लग्र का स्वामी ग्रह बुध जो कि बुद्धि और वाणी का कारक है लग्र से बारहवें भाव में पड़ा है, जिसके कारण राहुल गांधी कभी भी उत्तम वक्ता नहीं बन सकते, राजनीति में यश और मान-सम्मान दिलाने वाला ग्रह यानि पराक्रम भाव का स्वमी ग्रह सूर्य 3 डिग्री होकर लग्र में पड़ा हुआ है, जिसके चलते जातक भविष्य में राजनीति के सर्वोच्च स्थान तक नहीं पहुंच सकते।

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इस समय मंगल की महादशा में शनि की साढ़ेसाती

वर्तमान में राहुल गांधी के ऊपर जो महादशा चल रही है व मंगल की अर्थात छठे भाव की महादशा चल रही है, जो 10 फरवरी 2024 तक चलेगी। इनकी कुंडली में यदि मंगल की स्थिति को देखा जाए तो व लग्र में स्थित होकर पड़ा हुआ है, जो कि राहुल की राशि स्वामी भी है, वर्तमान में शनि की साढ़ेसाती भी इनके ऊपर चल रही है, अगर किसी जातक की कुंडली में शनि नीच का होकर यानी मेष राशि का होकर एकादश भाव में पड़ा हुआ है जो कि राजनीति के भाव में यानी पंचम भाव पर अपनी दृष्टि डाल रहा है तथा आपके लग्र के ऊपर भी उसकी दृष्टि है जिसके चलते वह जातक कभी भी ओजस्वी वक्ता नहीं बन पाते और न ही भविष्य में उच्चतर स्थान मिल पाता है।

2024 तक राजनीति से दूर हो सकते हैं राहुल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राहुल गांधी की कुंडली के अनुसार दोनो ही वृश्चिक राशि के जातक हैं, और दोनों ही के ऊपर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। परंतु राहुल गांधी की कुंडली में शनि नीच भाव का है। वर्तमान में आगामी 14 अक्टूबर से गुरू जो कि राहुल गांधी की राशि में प्रवेश करने जा रहा हैं, जिसके चलते इनको राजनीति में थोड़ा फायदा अवश्य हो सकता है परन्तु वह भी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के पद पर सुशोभित नहीं कर पाएगा। 2019 के चुनाव में ये इतनी सफलता नहीं प्राप्त कर पाएंगे जिसके चलते राहुल गांधी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। राहुल की कुंडली के ग्रहों की चाल से पता चलता है कि 2019 के चुनाव के बाद जब अगला चुनाव 2024 का होगा तब तक शायद राहुल गांधी पूरी तरह राजनीतिक परिदृश्य से दूर हो जाएंगे।